
भोले तेरी भक्ति का अपना ही
आज नवरात्रि का तीसरा दिन है। आज के दिन सिंह पर सवार होकर युद्ध मुद्रा में रहने वाली मां चंद्रघण्टा का पूजा की जाती है। कहा जाता है कि मां पार्वती ने जब भगवान शिव से विवाह कर लिया, उसके बाद से वह अपने ललाट पर आधा चंद्रमा धारण करने लगीं, तभी से उनका नाम चंद्रघण्टा पड़ गया।
जयति जय चंद्रघंटा,
माँ जयति जय चंद्रघंटा,
तुम्हरे नाम का बजता,
तुम्हरे नाम का बजता,
सृष्टि में डंका,
माँ जयति जय चंद्रघंटा,
जयति जय चंद्रघंटा,
माँ जयति जय चंद्रघंटा,
तुम्हरे नाम का बजता,
तुम्हरे नाम का बजता,
सृष्टि में डंका,
माँ जयति जय चंद्रघंटा।
दस भुजा मात के सोहे,
खड़ग खप्पर धारी,
माँ खड़ग खप्पर धारी,
घंटा माथे विराजे,
घंटा माथे विराजे,
अर्धचंद्र कारे,
माँ जयति जय चंद्रघंटा।
सिंह वाहिनी देवी,
दानव संघारे,
माँ दानव संघारे,
छवि अनुपम हे मैया,
छवि अनुपम हे मैया,
शक्ति अवतारे,
माँ जयती जय चंद्रघंटा।
धर्म की रक्षक जननी,
पाप का अंत करे,
माँ पाप का अंत करे,
देख के शक्ति माँ की,
देख के शक्ति माँ की,
काल भी स्वयं डरे,
माँ जयति जय चंद्रघंटा।
घंटा शंख मृदंग माँ,
तेरे दर बाजे,
माँ तेरे दर बाजे,
हीरे मोती पन्ने,
हीरे मोती पन्ने,
चरणों में राजे,
माँ जयति जय चंद्रघंटा।
श्रद्धा भक्ति से जो भी,
मैया को ध्याता,
मेरी मैया को ध्याता,
भक्त वो मन वांछित फल,
भक्त वो मन वांछित फल,
मैया से पाता,
माँ जयती जय चंद्रघंटा।
नवदुर्गा में मैया,
तीजा तेरा स्थान,
माँ तीजा तेरा स्थान,
तीजे नवरात्रि को माँ,
तीजे नवरात्रि को माँ,
भक्त धरें तेरा ध्यान,
माँ जयति जय चंद्रघंटा।
तीजे नवरात्रे को माँ,
व्रत जो तेरा धारे,
माँ व्रत जो तेरा धारे,
सिद्ध कामना होती,
सिद्ध कामना होती,
भव निधि से तारे,
माँ जयती जय चन्द्रघंटा।
हाथ जोड़कर कर विनती,
हैं इतनी माता,
बस हैं इतनी माता,
भक्ति अपनी देना,
भक्ति अपनी देना,
और ना कुछ चाहता,
माँ जयति जय चंद्रघंटा।
जयति जय चंद्रघंटा,
माँ जयति जय चंद्रघंटा,
तुम्हरे नाम का बजता,
तुम्हरे नाम का बजता,
सृष्टि में डंका,
माँ जयति जय चंद्रघंटा।
भजन श्रेणी : माता रानी भजन (Read More : Mata Rani Bhajan)
नवरात्र का तीसरा दिन ~ माँ चंद्रघंटा की आरती ~ Maa Chandraghanta Aarti ~ शारदीय नवरात्रि 2021