नजरों में सबकी अपनी किरपा की परिभाषा भजन

नजरों में सबकी अपनी किरपा की परिभाषा भजन


नजरों में सबकी अपनी,
किरपा की परिभाषा,
कहीं मन्नतों की डोरी,
खुशियों की कहीं आशा,
कोई सांवरे को पा के,
उसका हुआ आभारी,
चेहरे पे ना शिकन कोई,
लब पे हो बस मुरारी।

उसकी रज़ा के आगे,
रहता है जो भी राज़ी,
थकता ना संकटों से,
उफ्फ ना करे ज़रा भी,
बस सांवरे प्रभु का,
बनके रहे पुजारी,
चेहरे पे ना शिकन कोई,
लब पे हो बस मुरारी।

नेहा कहे ये सुन लो,
सांचा वो सुख है तेरा,
अंधियारी रात है तो,
होगा कभी सवेरा,
सिर पे चढ़ा ले थोड़ी,
मेरे श्याम की खुमारी,
चेहरे पे ना शिकन कोई,
लब पे हो बस मुरारी।

चेहरे पे ना शिकन कोई,
लब पे हो बस मुरारी,
ये सुख अगर नसीब है,
ये सुख अगर नसीब है,
किरपा है उसकी भारी।


कृपा साँवरे की - Prateek Mishra - Kripa Saanwre Ki - Shree Shyam Bhajan - Lab Pe Ho Bas Murari

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Song : Kripa Sanware Ki
Singer : Prateek Mishra
Lyrics : Neha Agrawal
Music Director : Ashish Sharma (Sonu)
Video - Anuj Jaiswal
Recording: Rudraksh Studio (Varanasi)
Producer : Saanvi Mishra
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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