थाली भरकर ल्याई खीचड़ो उपर घी बाटकी भजन

थाली भरकर ल्याई खीचड़ो उपर घी बाटकी भजन

 
Thali Bharkar Layi Re Khichado Krishna Bhajan Mukesh Bagada

करमा बेटी जाट की,
थी थोड़ी थी थोड़ी नादान,
भगतां की पत राख ली,
म्हारा खाटू वाळा श्याम।

थाली भरकर ल्याई रे खीचड़ो,
उपर घी की बाटकी,
जीमों म्हारा श्याम धणी,
जिमावे बेटी जाट की,
जिमावै बेटी जाट की।

बाबो म्हारो गांव गया है,
ना जाणे कद आवैलो,
ऊके भरोसे बैठयो रहयो तो,
भूखो ही रह जावैलो,
आज जिमाऊं तैने रे खीचड़ो,
काल राबड़ी छाछ की,
जीमों म्हारा श्याम धणी,
जिमावे बेटी जाट की,
जिमावै बेटी जाट की।

बार बार मंदिर ने जुड़ती,
बार बार मैं खोलती,
कईया कोनी जीमे रे मोहन,
करड़ी करड़ी बोलती,
तू जीमे तो जद मैं जीमूं,
मानूं ना कोई लाड की,
जीमों म्हारा श्याम धणी,
जिमावे बेटी जाट की,
जिमावै बेटी जाट की।

परदो भूल गई सांवरियो,
परदो फेर लगायो जी,
धावलीए की ओट बैठ के,
श्याम खीचड़ों खायो जी,
भोळा भाला भगता सूं,
सांवरिया कइयां आंट की।
जीमों म्हारा श्याम धणी,
जिमावे बेटी जाट की,
जिमावै बेटी जाट की।

भक्ति हो तो करमा जैसी,
सांवरियों घर आवेलो,
सोहन लाल लोहकार प्रभु का,
हरष हरष गुण गावेलो,
सांचों प्रेम प्रभु से हो तो,
मूरत बोले काठ की,
जीमों म्हारा श्याम धणी,
जिमावे बेटी जाट की,
जिमावै बेटी जाट की।

थाली भरकर ल्याई रे खीचड़ो,
उपर घी की बाटकी,
जीमों म्हारा श्याम धणी,
जिमावे बेटी जाट की,
जिमावै बेटी जाट की।

भजन श्रेणी : कृष्ण भजन (Krishna Bhajan)


Thaali Bhar Kar Laai Re Khichdo - Mukesh Bagda
 
Karama Beti Jaat Ki,
Thi Thodi Thi Thodi Naadaan,
Bhagataan Ki Pat Raakh Li,
Mhaara Khaatu Vaala Shyaam.

Thaali Bharakar Lyai Re Khichado,
Upar Ghi Ki Baataki,
Jimon Mhaara Shyaam Dhani,
Jimaave Beti Jaat Ki,
Jimaavai Beti Jaat Ki.

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Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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