जब जब हुआ मैं परेशान तूने ही रखा
जब जब हुआ मैं परेशान तूने ही रखा
जब जब हुआ मैं परेशान,
तूने ही रखा मेरा ध्यान,
श्याम क्या रिश्ता है तुझसे,
प्रेम क्यूं इतना है मुझसे,
तूने किया बहुत अहसान,
तुझसे ही मेरी पहचान,
श्याम क्या रिश्ता है तुझसे,
प्रेम क्यूं इतना है मुझसे।
जब बीच चौराहे पर,
लाचार खड़ा था मैं,
तू बनके पिता मेरा,
था चला उंगली थामे,
मेरा रखता है तू मान,
जाता है दिल की जान,
श्याम क्या रिश्ता है तुझसे,
प्रेम क्यूं इतना है मुझसे।
इक तेरे भरोसे पर,
मैं जीता रहा माधव,
तू हरता आया है,
तकलीफों को केशव,
मेरी डोर को रखता थाम,
आता सब छोड़ के काम,
श्याम क्या रिश्ता है तुझसे,
प्रेम क्यूं इतना है मुझसे।
सुन प्यारे मेरी ये बात,
जो याद करे दिन रात,
कैसे ना आये वो,
कैसे ना दे सौगात,
राजू रख नाता नेक,
सारे जग में है वो एक,
रिश्ता जो रखता है सबसे,
प्रेम जो करता है सबसे।
जब जब हुआ मैं परेशान,
तूने ही रखा मेरा ध्यान,
श्याम क्या रिश्ता है तुझसे,
प्रेम क्यूं इतना है मुझसे,
तूने किया बहुत अहसान,
तुझसे ही मेरी पहचान,
श्याम क्या रिश्ता है तुझसे,
प्रेम क्यूं इतना है मुझसे।
तूने ही रखा मेरा ध्यान,
श्याम क्या रिश्ता है तुझसे,
प्रेम क्यूं इतना है मुझसे,
तूने किया बहुत अहसान,
तुझसे ही मेरी पहचान,
श्याम क्या रिश्ता है तुझसे,
प्रेम क्यूं इतना है मुझसे।
जब बीच चौराहे पर,
लाचार खड़ा था मैं,
तू बनके पिता मेरा,
था चला उंगली थामे,
मेरा रखता है तू मान,
जाता है दिल की जान,
श्याम क्या रिश्ता है तुझसे,
प्रेम क्यूं इतना है मुझसे।
इक तेरे भरोसे पर,
मैं जीता रहा माधव,
तू हरता आया है,
तकलीफों को केशव,
मेरी डोर को रखता थाम,
आता सब छोड़ के काम,
श्याम क्या रिश्ता है तुझसे,
प्रेम क्यूं इतना है मुझसे।
सुन प्यारे मेरी ये बात,
जो याद करे दिन रात,
कैसे ना आये वो,
कैसे ना दे सौगात,
राजू रख नाता नेक,
सारे जग में है वो एक,
रिश्ता जो रखता है सबसे,
प्रेम जो करता है सबसे।
जब जब हुआ मैं परेशान,
तूने ही रखा मेरा ध्यान,
श्याम क्या रिश्ता है तुझसे,
प्रेम क्यूं इतना है मुझसे,
तूने किया बहुत अहसान,
तुझसे ही मेरी पहचान,
श्याम क्या रिश्ता है तुझसे,
प्रेम क्यूं इतना है मुझसे।
भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अनन्य भक्ति और प्रेम को व्यक्त करता है। इसमें हम अपने जीवन की कठिनाइयों में श्रीकृष्ण के अद्वितीय सहयोग और कृपा के लिए कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। भजन में हम यह सोचते हैं कि श्रीकृष्ण के साथ यह रिश्ता इतना गहरा क्यों है और वे हमसे इतना प्रेम क्यों करते हैं।
हमारी हर उम्मीद श्रीकृष्ण पर ही टिकी है। वे हर दुःख को हरते हैं और समय आने पर हर काम छोड़कर भी हमारी सहायता करते हैं। यह भजन संदेश देता है कि श्रीकृष्ण से सच्चा और नेक रिश्ता रखने वाला हर व्यक्ति उनकी कृपा और प्रेम का पात्र बनता है।
हमारी हर उम्मीद श्रीकृष्ण पर ही टिकी है। वे हर दुःख को हरते हैं और समय आने पर हर काम छोड़कर भी हमारी सहायता करते हैं। यह भजन संदेश देता है कि श्रीकृष्ण से सच्चा और नेक रिश्ता रखने वाला हर व्यक्ति उनकी कृपा और प्रेम का पात्र बनता है।
तू बनके पिता मेरा Tu banke pita Mera.. Rajendra Agrawal Dei
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Author - Saroj Jangir
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