वो जो भानु बाबा की दुलारी है भजन
वो जो भानु बाबा की दुलारी है भजन
वो जो भानु बाबा की दुलारी है,
बड़ी सुंदर और बड़ी प्यारी है।
मैं क्यों अपनी परवाह करूं,
मेरी श्यामा जू हितकारी है।
मेरी लाडो जिन पर रीझ जाए,
उनको ही ब्रज में बुलाती है,
उन्हें आँचल में बिठला करके,
प्यारी नित-नित प्यार लुटाती है।
वो जो श्यामा जी की अटारी है,
हमें प्राणों से भी प्यारी है।
मैं क्यों अपनी परवाह करूं,
मेरी श्यामा जू हितकारी है।
करुणा मई श्यामा प्यारी है,
अधमों को भी लाड़ लड़ाती है।
मुझ जैसी कपटी पापी को,
प्यारी नित नए लाड़ लड़ाती है।
कोई भाव से राधा नाम कहे,
प्यारी ठाकुर से मिलवाती है।
वो जो भानु बाबा की दुलारी है,
बड़ी सुंदर और बड़ी प्यारी है।
अब एक ही आस मेरे मन की,
मेरा हर अंग राधा नाम कहे।
दिन-रैन ही नाम भजूं प्यारी,
और नित ही दर्शन होता रहे।
जब दृष्टि पड़ी तेरी चौखट पर,
सब सुध-बुध तो परि वारी है।
वो जो भानु बाबा की दुलारी है,
बड़ी सुंदर और बड़ी प्यारी है।
बड़ी सुंदर और बड़ी प्यारी है।
मैं क्यों अपनी परवाह करूं,
मेरी श्यामा जू हितकारी है।
मेरी लाडो जिन पर रीझ जाए,
उनको ही ब्रज में बुलाती है,
उन्हें आँचल में बिठला करके,
प्यारी नित-नित प्यार लुटाती है।
वो जो श्यामा जी की अटारी है,
हमें प्राणों से भी प्यारी है।
मैं क्यों अपनी परवाह करूं,
मेरी श्यामा जू हितकारी है।
करुणा मई श्यामा प्यारी है,
अधमों को भी लाड़ लड़ाती है।
मुझ जैसी कपटी पापी को,
प्यारी नित नए लाड़ लड़ाती है।
कोई भाव से राधा नाम कहे,
प्यारी ठाकुर से मिलवाती है।
वो जो भानु बाबा की दुलारी है,
बड़ी सुंदर और बड़ी प्यारी है।
अब एक ही आस मेरे मन की,
मेरा हर अंग राधा नाम कहे।
दिन-रैन ही नाम भजूं प्यारी,
और नित ही दर्शन होता रहे।
जब दृष्टि पड़ी तेरी चौखट पर,
सब सुध-बुध तो परि वारी है।
वो जो भानु बाबा की दुलारी है,
बड़ी सुंदर और बड़ी प्यारी है।
Vo Jo bhanu baba ki..| #श्रीराधा #barasana #studio #trending #aivideo
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
इस रचना में साधक का हृदय श्रीराधा के प्रेम में पूर्णतः लीन है। उसका जीवन, मन और प्राण केवल राधा नाम में बस गए हैं। वह स्वयं को अयोग्य और पापी मानते हुए भी यह अनुभव करता है कि राधा का स्नेह सब पर समान रूप से बरसता है। राधा का प्रेम निष्कलंक और असीम है — जो भी सच्चे भाव से उनका नाम जपता है, वे उसे अपने करुणामयी आंचल में समेट लेती हैं। उनके दर्शन की चाह में साधक अपने अस्तित्व को ही भुला देता है, सब कुछ उन्हें समर्पित कर देता है। वह जान गया है कि जीवन की सारी शांति और आश्रय केवल राधा के चरणों में ही है, जहाँ करुणा, प्रेम और अपनापन अंतहीन रूप में प्रवाहित है।
श्रीराधा का स्वरूप प्रेम की मूर्ति है, वे भक्ति की परम साधना की आधारशिला हैं। वे करुणा, वात्सल्य और माधुर्य की सजीव प्रतिमा हैं। उनका स्नेह ब्रजभूमि के हर कण में व्याप्त है, और जो भी उन्हें स्मरण करता है, वह ईश्वर के भाव में सहज ही डूब जाता है। श्रीकृष्ण स्वयं राधा के नाम से पावन होते हैं, क्योंकि राधा बिना कृष्ण भी अधूरे हैं। उनका नाम स्मरण मात्र से हृदय निर्मल हो उठता है, और साधक को वह ब्रज की सहज प्रेममयी अनुभूति होने लगती है जो केवल भाग्यशाली आत्माओं को प्राप्त होती है।
श्रीराधा का स्वरूप प्रेम की मूर्ति है, वे भक्ति की परम साधना की आधारशिला हैं। वे करुणा, वात्सल्य और माधुर्य की सजीव प्रतिमा हैं। उनका स्नेह ब्रजभूमि के हर कण में व्याप्त है, और जो भी उन्हें स्मरण करता है, वह ईश्वर के भाव में सहज ही डूब जाता है। श्रीकृष्ण स्वयं राधा के नाम से पावन होते हैं, क्योंकि राधा बिना कृष्ण भी अधूरे हैं। उनका नाम स्मरण मात्र से हृदय निर्मल हो उठता है, और साधक को वह ब्रज की सहज प्रेममयी अनुभूति होने लगती है जो केवल भाग्यशाली आत्माओं को प्राप्त होती है।
Lyrics & Vocals: Drishti Sharma
Music: Abhay Gupta
AI Video Concept: Drishti Sharma
Music: Abhay Gupta
AI Video Concept: Drishti Sharma
यह भजन भी देखिये
|
Author - Saroj Jangir
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर कृष्णा भजन, जन्माष्टमी भजन, भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल/Lyrics उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |
