कुंडलपुर में त्रिशला माता ने ललना जाया है

कुंडलपुर में त्रिशला माता ने ललना जाया है


शुभ अवसर आया है,
क्या आनंद छाया है,
कुंडलपुर में त्रिशला माता ने,
ललना जन्म दिया है।

जब जन्म लिया तीर्थंकर ने,
तब तीन लोक हर्षाये,
क्या नर-नारी क्या मूक पशु,
सब देव हैं मंगल गाये,
यह घड़ी अविस्मरणीय बड़ी,
हैं जग-उद्धारक आये,
सौभाग्य हमारा अनुपम है,
प्रभु चरण हैं हमने पाए,
जग में ये दूत अहिंसा का,
महावीर कहलाया है,
शुभ अवसर आया है,
क्या आनंद छाया है।

भटके मानव को वीर प्रभु ने,
सत्य धर्म सिखलाया,
तुम जियो और सभी को जीने दो,
स्वर्णिम उपदेश सुनाया,
हिंसा में धर्म कदापि नहीं,
सबको ये भेद बताया,
दुख में डूबे संसारी को,
मुक्ति का मार्ग दिखाया,
ये पावन गीत अहिंसा का,
दुनिया ने गाया है,
शुभ अवसर आया है,
क्या आनंद छाया है।

शुभ अवसर आया है,
क्या आनंद छाया है,
कुंडलपुर में त्रिशला माता ने,
ललना जन्म दिया है।



कुण्डलपुर में त्रिशला माता ने ललना जाया है | Mahavir Janam Kalyanak Bhajan 2025 ‪@R_Jain_Melodies‬

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जब जन्म लिया तीर्थंकर ने, तब तीन लोक हर्षाये
क्या नर-नारी, क्या मूक पशु, सब देव हैं मंगल गाये
यंग घड़ी अविस्मरणीय बड़ी, हैं जग-उद्धारक आये,
सौभाग्य हमारा अनुपम है, प्रभु चरण है हमने पाए...
जग में ये दूत अहिंसा का, महावीर कहाया है.....
शुभ अवसर आया है....क्या आनंद छाया है...
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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