तन मन दिया है साई भजन
तन मन दिया है साई भजन
तन-मन दिया है साई,
जीवन तू ही तो देगा।
तन-मन दिया है साई,
जीवन तू ही तो देगा।।
आँखें दे रौशनी भी,
दर्शन तू ही तो देगा।
तन-मन दिया है साई,
जीवन तू ही तो देगा।।
है तात-मात तू ही,
भ्राता, सखा भी है तू ही।
प्रीत, यार, धन भी तू है,
मेरा सब कुछ जग में तू ही।।
बुद्धि दी सोचने को,
चिंतन तू ही तो देगा।
साई बाबा, साई बाबा,
साई बाबा, साई बाबा।।
कर दे हमें तू पावन,
निर्मल हो मन का आँगन।
तन-मन और धन से साई,
सेवा में तेरी अर्पण।।
वीराने तू ही देता,
नंदन तू ही तो देगा।
तन-मन दिया है साई,
जीवन तू ही तो देगा।।
जीवन तू ही तो देगा।
तन-मन दिया है साई,
जीवन तू ही तो देगा।।
आँखें दे रौशनी भी,
दर्शन तू ही तो देगा।
तन-मन दिया है साई,
जीवन तू ही तो देगा।।
है तात-मात तू ही,
भ्राता, सखा भी है तू ही।
प्रीत, यार, धन भी तू है,
मेरा सब कुछ जग में तू ही।।
बुद्धि दी सोचने को,
चिंतन तू ही तो देगा।
साई बाबा, साई बाबा,
साई बाबा, साई बाबा।।
कर दे हमें तू पावन,
निर्मल हो मन का आँगन।
तन-मन और धन से साई,
सेवा में तेरी अर्पण।।
वीराने तू ही देता,
नंदन तू ही तो देगा।
तन-मन दिया है साई,
जीवन तू ही तो देगा।।
Tan Mann Diya Hai Sai | तन मन दिया है साई | Sai Baba Bhajan | Vandana Bajpai | Full Audio Song
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भक्त का हृदय जब उस परम सत्ता के प्रति पूर्ण समर्पण में डूब जाता है, तब वह अपने तन, मन और जीवन को उसी के चरणों में अर्पित कर देता है, यह विश्वास रखते हुए कि वही उसका सच्चा जीवनदाता है। यह समर्पण केवल बाहरी क्रिया नहीं, बल्कि एक गहन आंतरिक भावना है, जो भक्त को इस सत्य से जोड़ती है कि उसकी हर सांस, हर विचार, हर सुख और हर शक्ति उसी साईं की कृपा से संभव है। वह सत्ता भक्त की आँखों को रोशनी देती है, जिससे वह सत्य के दर्शन कर सके, और उसे वह बुद्धि प्रदान करती है, जो सही चिंतन और मार्गदर्शन की ओर ले जाती है। यह विश्वास भक्त को उस अनंत प्रेम और करुणा के स्रोत के साथ एकाकार कर देता है, जो उसे हर रिश्ते—माता, पिता, भाई, सखा—और हर धन-संपदा का सच्चा आधार बनता है।
इस समर्पण के मार्ग पर चलते हुए भक्त की एकमात्र आकांक्षा यही होती है कि उसका मन निर्मल हो, उसका जीवन पवित्र हो, और वह अपनी हर शक्ति को उस साईं की सेवा में अर्पित कर दे। यह सेवा केवल कर्मकांड तक सीमित नहीं, बल्कि एक ऐसी जीवनशैली है, जो प्रेम, निस्वार्थता और भक्ति से परिपूर्ण होती है। भक्त का मन इस विश्वास से भर उठता है कि वही सत्ता उसके जीवन के हर वीराने को नंदन-वन में बदल देगी, हर अंधेरे को प्रकाश से भर देगी। यह भक्ति का वह रास्ता है, जो भक्त को उस परम सत्ता के और करीब ले जाता है, जहाँ वह अपने तन-मन को पूर्णतः समर्पित कर, उस अनंत कृपा में डूब जाता है, जो उसके जीवन को सार्थक और आलोकित बनाती है।
इस समर्पण के मार्ग पर चलते हुए भक्त की एकमात्र आकांक्षा यही होती है कि उसका मन निर्मल हो, उसका जीवन पवित्र हो, और वह अपनी हर शक्ति को उस साईं की सेवा में अर्पित कर दे। यह सेवा केवल कर्मकांड तक सीमित नहीं, बल्कि एक ऐसी जीवनशैली है, जो प्रेम, निस्वार्थता और भक्ति से परिपूर्ण होती है। भक्त का मन इस विश्वास से भर उठता है कि वही सत्ता उसके जीवन के हर वीराने को नंदन-वन में बदल देगी, हर अंधेरे को प्रकाश से भर देगी। यह भक्ति का वह रास्ता है, जो भक्त को उस परम सत्ता के और करीब ले जाता है, जहाँ वह अपने तन-मन को पूर्णतः समर्पित कर, उस अनंत कृपा में डूब जाता है, जो उसके जीवन को सार्थक और आलोकित बनाती है।
Song Name: Tan Mann Diya Hai Sai
Album: Sai Prem
Singer: Bharat Acharya
Music Director: Ravindra Jain
Original Song: Choodi Maza Na Degi
Original Album: Sanam Bewafa
Album: Sai Prem
Singer: Bharat Acharya
Music Director: Ravindra Jain
Original Song: Choodi Maza Na Degi
Original Album: Sanam Bewafa
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Author - Saroj Jangir
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