जीवन तो भैया एक रेल है कभी पेसेंजर
जीवन तो भैया एक रेल है कभी पेसेंजर
(मुखड़ा)
जीवन तो भैया एक रेल है,
कभी पैसेंजर, कभी मेल है,
जीवन तो भैया एक रेल है,
कभी पैसेंजर, कभी मेल है।।
(अंतरा)
सुख दुख की पटरी पे दौड़ लगाती है,
सुख दुख की पटरी पे दौड़ लगाती है,
मंज़िल तक हमको पहुंचाती है,
मंज़िल तक हमको पहुंचाती है,
सांसों का इसमें जब तक तेल है,
सांसों का इसमें जब तक तेल है,
कभी पैसेंजर, कभी मेल है,
जीवन तो भैया एक रेल है,
कभी पैसेंजर, कभी मेल है।।
(अंतरा)
अच्छे कर्मों की टिकट कटा लेना,
अच्छे कर्मों की टिकट कटा लेना,
पूछे तो टीटी दिखला देना,
पूछे तो टीटी दिखला देना,
बिना टिकट तो सीधी जेल है,
बिना टिकट तो सीधी जेल है,
कभी पैसेंजर, कभी मेल है,
कभी पैसेंजर, कभी मेल है,
जीवन तो भैया एक रेल है,
कभी पैसेंजर, कभी मेल है।।
(अंतरा)
रिश्ते भी बनते और बिगड़ते हैं,
रिश्ते भी बनते और बिगड़ते हैं,
यात्री जो चढ़ते और उतरते हैं,
यात्री जो चढ़ते और उतरते हैं,
मैया के सिग्नल का ये खेल है,
मैया के सिग्नल का ये खेल है,
कभी पैसेंजर, कभी मेल है,
जीवन तो भैया एक रेल है,
कभी पैसेंजर, कभी मेल है।।
(पुनरावृति)
जीवन तो भैया एक रेल है,
कभी पैसेंजर, कभी मेल है,
जीवन तो भैया एक रेल है,
कभी पैसेंजर, कभी मेल है।।
जीवन तो भैया एक रेल है,
कभी पैसेंजर, कभी मेल है,
जीवन तो भैया एक रेल है,
कभी पैसेंजर, कभी मेल है।।
(अंतरा)
सुख दुख की पटरी पे दौड़ लगाती है,
सुख दुख की पटरी पे दौड़ लगाती है,
मंज़िल तक हमको पहुंचाती है,
मंज़िल तक हमको पहुंचाती है,
सांसों का इसमें जब तक तेल है,
सांसों का इसमें जब तक तेल है,
कभी पैसेंजर, कभी मेल है,
जीवन तो भैया एक रेल है,
कभी पैसेंजर, कभी मेल है।।
(अंतरा)
अच्छे कर्मों की टिकट कटा लेना,
अच्छे कर्मों की टिकट कटा लेना,
पूछे तो टीटी दिखला देना,
पूछे तो टीटी दिखला देना,
बिना टिकट तो सीधी जेल है,
बिना टिकट तो सीधी जेल है,
कभी पैसेंजर, कभी मेल है,
कभी पैसेंजर, कभी मेल है,
जीवन तो भैया एक रेल है,
कभी पैसेंजर, कभी मेल है।।
(अंतरा)
रिश्ते भी बनते और बिगड़ते हैं,
रिश्ते भी बनते और बिगड़ते हैं,
यात्री जो चढ़ते और उतरते हैं,
यात्री जो चढ़ते और उतरते हैं,
मैया के सिग्नल का ये खेल है,
मैया के सिग्नल का ये खेल है,
कभी पैसेंजर, कभी मेल है,
जीवन तो भैया एक रेल है,
कभी पैसेंजर, कभी मेल है।।
(पुनरावृति)
जीवन तो भैया एक रेल है,
कभी पैसेंजर, कभी मेल है,
जीवन तो भैया एक रेल है,
कभी पैसेंजर, कभी मेल है।।
Jeevan To Bhaiya Train Hai - Sona Jadhav
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
जीवन को एक रेल की तरह देखने वाला यह भाव भक्त के मन में माँ की कृपा और जीवन के उतार-चढ़ाव के प्रति एक गहरी समझ को दर्शाता है। यह रेल, जो सुख-दुख की पटरी पर दौड़ती है, भक्त को उसकी मंज़िल की ओर ले जाती है, जहाँ माँ का सिग्नल हर कदम पर मार्गदर्शन करता है। जीवन की यह यात्रा कभी धीमी, कभी तेज़ होती है, पर माँ की कृपा ही उसे सही दिशा में ले जाती है। भक्त का विश्वास कि सांसों का तेल जब तक है, यह रेल चलती रहेगी, उसकी आस्था को मजबूत करता है, जो माँ की शक्ति में पूर्ण विश्वास रखता है। यह भक्ति का वह स्वरूप है, जो जीवन की अनिश्चितताओं के बीच भी माँ के प्रति समर्पण को बनाए रखता है, और भक्त को हर परिस्थिति में साहस और धैर्य प्रदान करता है।
माता रानी की पूजा से हमारे जीवन में अनेक प्रकार के सुख और समृद्धि आती है। श्रद्धा और भक्ति से की गई पूजा से माता की कृपा प्राप्त होती है, जिससे घर-परिवार में सुख-शांति और खुशहाली बनी रहती है। माता रानी की आराधना से धन-धान्य की वृद्धि होती है और आर्थिक समस्याएँ दूर होती हैं। इसके साथ ही जीवन के कष्ट, रोग, भय और बाधाएँ कम हो जाती हैं। माता की पूजा से करियर और व्यापार में उन्नति के नए अवसर मिलते हैं, जिससे जीवन में सफलता प्राप्त होती है। परिवार में प्रेम, एकता और सामंजस्य बढ़ता है, जिससे वातावरण सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण बनता है। नवरात्रि के दौरान उपवास और सात्विक आहार से शरीर स्वस्थ रहता है और मानसिक शांति मिलती है। इस प्रकार, माता रानी की पूजा न केवल आध्यात्मिक बल देती है, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सुख, समृद्धि और सकारात्मक बदलाव लाती है।
यह भजन भी देखिये
|
Author - Saroj Jangir
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |
