वृंदावन मिल गयो री श्याम मेरो सांवरिया

वृंदावन मिल गयो री श्याम मेरो सांवरिया


 
हां वृंदावन मिल गयो री,
श्याम मेरो सांवरिया,
सांवरिया सांवरिया,
मेरो सांवरिया,
हो वृंदावन.... जय हो,
हो वृंदावन.... जय हो,
हां वृंदावन मिल गयो री,
श्याम मेरो सांवरिया।

हां बागों बागों में गई,
मेरे आगे आगे सांवरिया,
आगे आगे सांवरिया,
मेरे पीछे पीछे सांवरिया,
हां डाली पर बैठो री,
श्याम मेरो सांवरिया,
हां वृंदावन मिल गयो री,
श्याम मेरो सांवरिया,
सांवरिया सांवरिया,
मेरो सांवरिया।

तालों तालों में गई,
मेरे आगे आगे सांवरिया,
आगे आगे सांवरिया,
मेरे पीछे पीछे सांवरिया,
साड़ी पर बैठो री,
श्याम मेरो सांवरिया,
हां वृंदावन मिल गयो री,
श्याम मेरो सांवरिया,
सांवरिया सांवरिया,
मेरो सांवरिया।

कुआं कुआं में गई,
मेरे आगे आगे सांवरिया,
आगे आगे सांवरिया,
मेरे पीछे पीछे सांवरिया,
गगरी पर बैठो री,
श्याम मेरा सांवरिया,
हां वृंदावन मिल गयो री,
श्याम मेरो सांवरिया,
सांवरिया सांवरिया,
मेरो सांवरिया।

महलों महलों में गई,
मेरे आगे आगे सांवरिया,
आगे आगे सांवरिया,
मेरे पीछे पीछे सांवरिया,
खिड़की पर बैठो री,
श्याम मेरो सांवरिया,
हां वृंदावन मिल गयो री,
श्याम मेरो सांवरिया,
सांवरिया सांवरिया,
मेरो सांवरिया।

मंदिर मंदिर में गई,
मेरे आगे आगे सांवरिया,
आगे आगे सांवरिया,
मेरे पीछे पीछे सांवरिया,
मूरत में छिप गयो री,
श्याम मेरो सावरिया,
हां वृंदावन मिल गयो री,
श्याम मेरो सांवरिया,
सांवरिया सांवरिया,
मेरो सांवरिया।

हां वृंदावन मिल गयो री,
श्याम मेरो सांवरिया,
सांवरिया सांवरिया,
मेरो सांवरिया,
हो वृंदावन.... जय हो,
हो वृंदावन.... जय हो,
हां वृंदावन मिल गयो री,
श्याम मेरो सांवरिया।
 
भजन श्रेणी : कृष्ण भजन (Krishna Bhajan)
भजन श्रेणी : खाटू श्याम जी भजन (Khatu Shyam Ji Bhajan)


कृष्ण भजन | वृंदावन मिल गयो री श्याम मेरो सांवरिया | Krisna Bhajan | Sheela Kalson (With Lyrics)

वृंदावन, भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के मथुरा जिले में स्थित एक शहर है। यह भगवान कृष्ण के बचपन के घर के रूप में प्रसिद्ध है। वृंदावन हिंदुओं के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। यहां कई मंदिर और अन्य धार्मिक स्थल हैं। ठाकुर बांके बिहारी मंदिर भगवान कृष्ण के बांके बिहारी रूप को समर्पित है। यह मंदिर वृंदावन का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है।

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हृदय में एक ऐसी प्रेममयी लहर उठती है, जो उस पवित्र भूमि की सैर कराती है, जहां हर कदम पर उस प्रिय सत्ता का सान्निध्य अनुभव होता है। यह यात्रा केवल भौतिक स्थानों तक सीमित नहीं, बल्कि आत्मा की उस गहरी खोज का प्रतीक है, जहां हर पल, हर स्थान में वह सांवरिया साथ-साथ चलता है। बागों की हरियाली, तालों की शीतलता, कुओं की गहराई, महलों की भव्यता, और मंदिर की पवित्रता—हर जगह उसकी उपस्थिति मन को आनंद से भर देती है। यह भावना इतनी गहन है कि वह हर रूप में, हर स्थान पर दृष्टिगोचर होता है, मानो सारी सृष्टि उसकी मधुर छवि का दर्पण बन गई हो। यह अनुभव एक ऐसी मस्ती है, जो मन को उसकी स्मृति में डुबो देती है, और हर कदम पर उसकी जय-जयकार गूंज उठती है।

■ Title ▹Vrindavan Me Mil Gayo Re Shyam Mero Sanvariya
■ Artist ▹Vijay Luxmi
■ Singer ▹ Sheela Kalson
■ Music ▹Pardeep Panchal
■ Lyrics & Composer ▹Traditional
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भगवान श्रीकृष्ण को ‘सांवरिया’ या ‘सांवलिया सेठ’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि श्री कृष्णा जी का रंग श्याम (गहरा, सांवला) था। श्रीकृष्ण के जन्म के समय से ही उनके सौंदर्य का वर्णन “घनश्याम”, “श्याम रंग”, “कमलनयन” आदि विशेषणों से होता रहा है। इसी सांवले रंग व रूप के कारण भक्त उन्हें स्नेह से ‘सांवरिया’ पुकारते हैं— यह शब्द प्रेम, अपनापन और सम्मान का प्रतीक बन गया है। राजस्थान के चित्तौड़गढ़, मंडफिया और आसपास ‘सांवलिया सेठ’ का प्रसिद्ध मंदिर है, जहां श्रीकृष्ण इसी रूप में पूजे जाते हैं और भक्त मनोकामना के लिए उन्हें अपना मित्र, व्यापार-पार्टनर या परिवार का सदस्य तक मानते हैं।
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