श्याम छेड़ो ना मुझको यहां तीर पर
श्याम छेड़ो ना मुझको यहां तीर पर
श्याम छेड़ो ना मुझको यहां तीर पर,पैर जमुना में मेरा फिसल जाएगा,
श्याम छेड़ो ना मुझको यहां तीर पर,
पैर जमुना में मेरा फिसल जाएगा।
करने घर में भी मुझको बहुत काम है,
काम का वक्त सारा निकल जाएगा,
श्याम छेड़ो ना मुझको यहां तीर पर,
पैर जमुना में मेरा फिसल जाएगा।
जब मैं होती अकेली तो आते हो तुम,
पानी भरने ना देते सताते हो तुम,
गांव के लोग यह हरकतें देखकर,
श्याम तुझसे जमाना बदल जाएगा,
श्याम छेड़ो ना मुझको यहां तीर पर,
पैर जमुना में मेरा फिसल जाएगा।
हां हां खाऊं पड़ूं श्याम पैंया तेरे,
राह देखेंगे झुक झुक के बच्चे मेरे,
इसलिए छोड़ो मुझको ना देरी करो,
दूध चूल्हे पर रखा उबल जाएगा,
श्याम छेड़ो ना मुझको यहां तीर पर,
पैर जमुना में मेरा फिसल जाएगा।
देख लो इस तरफ लोग आने लगे,
पूजा गोवर्धन की वो करने लगे,
कोई कह देगा मेरी सास से,
गुस्सा उनका है भारी उबल जाएगा,
श्याम छेड़ो ना मुझको यहां तीर पर,
पैर जमुना में मेरा फिसल जाएगा।
श्याम छेड़ो ना मुझको यहां तीर पर,
पैर जमुना में मेरा फिसल जाएगा,
श्याम छेड़ो ना मुझको यहां तीर पर,
पैर जमुना में मेरा फिसल जाएगा।
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