आ गया चितचोर वे दिल सांब के
आ गया चितचोर वे,
दिल थाम के रखियो,
यमुना किनारे,
श्याम बंसी बजावे,
बंसी बजावे,
नाले गऊआं चरावे,
छाई घटा घनघोर वे,
दिल सांब के रखियो।
घर घर जावे,
नाले मक्खन चुरा वे,
मक्खन चुरा वे,
नाले सखियां रिझाबे,
मटकी दें दा डा फोड़ वे,
दिल सांब के रखियो।
वृंदावन में रास रचावे,
आप भी नाचे,
नाले सब नू नचावे,
वै जांदां साडे कोल वे,
दिल सांब के रखीयो।
डर दी मारे,
मैं तो बाहर न जामा,
बाहर ना आवा,
मैं तो मर मर जावा,
एदे जीहा ना कोई होर वे,
दिल थाम के रखियो।
आ गया चितचोर वे,
दिल थाम के रखियो,
यमुना किनारे,
श्याम बंसी बजावे,
बंसी बजावे,
नाले गऊआं चरावे,
छाई घटा घनघोर वे,
दिल सांब के रखियो।
आपको ये पोस्ट पसंद आ सकती हैं