बम बम बोल रहा भोला

बम बम बोल रहा भोला

नील कंठ के दर्शन करता,
कावड़ियों का टोला,
बम बम बोल रहा भोला,
देख नज़ारा हरिद्वार का,
भक्तों का मन डोला,
बम बम बोल रहा भोला।
बम बम बोल रहा भोला।

यहाँ मेले में जो आता है,
गंगा में डूबकी लगता है,
गंगा नहाओ पाप छुड़ाओ,
भागीरथ ने बोला
बम बम बोल रहा भोला।
बम बम बोल रहा भोला।

मनसा मैया की शक्ति में
और चंडी माँ की भक्ति में,
भोले नाथ को शीश झुका के,
रंगा लिया है चोला,
बम बम बोल रहा भोला।
बम बम बोल रहा भोला।

बम भोले नाथ रिझाने को
जल नील कंठ में चढ़ाने को,
मंदिर मंदिर घूम रहे,
खाये भांग का गोला,
बम बम बोल रहा भोला।
बम बम बोल रहा भोला।

सर पे कमल सिंह हाथ सदा
दुख हरता भोलेनाथ सदा,
अरे भोले भक्ति में शर्मा,
घाटा ना इक तौला,
बम बम बोल रहा भोला।
बम बम बोल रहा भोला।
नील कंठ के दर्शन करता,
कावड़ियों का टोला,
बम बम बोल रहा भोला,
देख नज़ारा हरिद्वार का,
भक्तों का मन डोला,
बम बम बोल रहा भोला।
बम बम बोल रहा भोला।


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