मुझे दिल की बिमारी है भजन
नबजिया वेद क्या देखे,
मुझे दिल की बिमारी है।
कभी कफ रोग बतलाये,
कभी तासीर गरमी की,
जिगर का हाल तू मेरा,
ना जाने तू अनाड़ी है,
नबजिया वेद क्या देखे,
मुझे दिल की बिमारी है।
सनम कि मोहिनी मूरत,
बसी दिल बीच में मेरे।
न मन में चैन है तन की,
खबर सारी बीमारी है।
नबजिया वेद क्या देखे,
मुझे दिल की बिमारी है।
असर करती नहीं कोई,
दवाई हकीमिया तेरी।
बिना दीदार दिलबर के,
मिटे नहीं बेकरारी है।
नबजिया वेद क्या देखे,
मुझे दिल की बिमारी है।
अगर दीदार को मेरे,
मिलावे तू कभी मुझसे।
वो ब्रह्मानंद गुण तेरा,
करूँ में यादगारी है।
नबजिया वेद क्या देखे,
मुझे दिल की बिमारी है।नबिजया वेद क्या देखे,
मुझे दिल की बिमारी है।
✓ नबिजया वेद क्या देखे हमें दिल की बिमारी है ! Prakash Gandhi - 2015 - Audio ! Chetavani Bhajan