नजरें हमारी हों जलवे तुम्हारे

नजरें हमारी हों जलवे तुम्हारे

नजरें हमारी हों जलवे तुम्हारे,
दिल में उतर जाये तेरे नजारे,
नजरें हमारी हों जलवे तुम्हारे,
दिल में उतर जाये तेरे नजारे।

मेरे सतगुरु दीन दयाल,
तेरा ही आधार,
हृदय रहे ना खाली दाता,
इतना भरदो प्यार,
इतना भरदो प्यार प्रभु जी,
हो जाए वारे न्यारे,
नजरें हमारी हों जलवे तुम्हारे,
दिल में उतर जाये तेरे नजारे।

तुम संग जन्म जन्म का साथ,
साथ कभी ना छूटे,
दिल की तार जुड़ी संग,
तेरे तार कभी ना टूटे,
तार कभी ना टूटे प्रभु जी,
रहना संग हमारे,
नजरें हमारी हों जलवे तुम्हारे,
दिल में उतर जाये तेरे नजारे।

तेरी प्यारी प्यारी सूरत,
पलकां विच वसावां,
पलकां राही दाता,
तैनू हृदय विच बिठावां,
हृदय बिठाके हरदम तुमको,
पाऊँ दर्श तुम्हारे,
नजरें हमारी हों जलवे तुम्हारे,
दिल में उतर जाये तेरे नजारे।

मेरे सतगुरु दीन दयाल,
दिल से दूर ना करना,
आपकी किरपा से ही हमने,
भवसागर से तरना,
तू ही सतगुरु मेरी नैया,
भव से पार उतारे,
नजरें हमारी हों जलवे तुम्हारे,
दिल में उतर जाये तेरे नजारे।

दो जहाँ के वाली सतगुरु,
दो भक्ति का दान,
चरण कमल में रहूं,
हमेशा ऐसा दो वरदान,
ऐसा दो वरदान दास के,
कट जाए बंधन सारे,
नजरें हमारी हों जलवे तुम्हारे,
दिल में उतर जाये तेरे नजारे।

नजरें हमारी हों जलवे तुम्हारे,
दिल में उतर जाये तेरे नजारे,
नजरें हमारी हों जलवे तुम्हारे,
दिल में उतर जाये तेरे नजारे।




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