छमा छम नाचे कालका माता भजन
(मुखड़ा)
भरने को खप्पर खून से,
बिखरा के काले बाल,
छमाछम नाचे कालका,
छमाछम नाचे कालका।।
(अंतरा)
किलकारी मारे जोर से,
किलकारी मारे जोर से,
कर ग़ुस्से में नैना लाल,
छमाछम नाचे कालका।।
तलवार को लेकर हाथ में,
तलवार को लेकर हाथ में,
और रूप बना विकराल,
छमाछम नाचे कालका।।
लटका कर बाहर जीभ को,
लटका कर बाहर जीभ को,
सुन ढोल-नगाड़ों की ताल,
छमाछम नाचे कालका।।
कहे ‘राज’ अनाड़ी देखकर,
कहे ‘राज’ अनाड़ी देखकर,
हुआ दुश्मन दल बेहाल,
छमाछम नाचे कालका।।
(पुनरावृति)
भरने को खप्पर खून से,
बिखरा के काले बाल,
छमाछम नाचे कालका,
छमाछम नाचे कालका।।
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