विराजो मेरे श्याम, मेरे मन के अंदर में, मेरे मन के अंदर में, डूबने का जी करता तेरे, नैनो के समंदर में, विराजो मेरे श्याम, मेरे मन के अंदर में, मेरे मन के अंदर में।
कान्हा मेरे कान तरसते, हैं तेरी आवाज को,
तुझसे प्रीत लगी कैसे, छुपाऊं जग से राज को, कान्हा मेरे कान तरसते, हैं तेरी आवाज को, तुझसे प्रीत लगी कैसे, छुपाऊं जग से राज को, फंसने ना देना मोहे, माया के बवंडर में, विराजो मेरे श्याम, मेरे मन के अंदर में, विराजो मेरे श्याम,
Khatu Shyam Ji Bhajan Lyrics in Hindi,Krishna Bhajan Lyrics Hindi
मेरे मन के अंदर में।
नटखट ओ मुरली वाले, हम तेरे दीवाने हैं, तू बिछड़े तो जल जायेंगे, ऐसे हम परवाने हैं, नटखट ओ मुरली वाले, हम तेरे दीवाने हैं, तू बिछड़े तो जल जायेंगे, ऐसे हम परवाने हैं, तू ना हो तो क्या देखूं मैं,
इस दुनिया के मंजर में, विराजो मेरे श्याम, मेरे मन के अंदर में, विराजो मेरे श्याम, मेरे मन के अंदर में।
विराजो मेरे श्याम, मेरे मन के अंदर में, मेरे मन के अंदर में, डूबने का जी करता तेरे, नैनो के समंदर में, विराजो मेरे श्याम, मेरे मन के अंदर में, मेरे मन के अंदर में।