विश्व में गूंजे हमारी भारती देशभक्ति गीत
विश्व में गूँजे हमारी भारती,
जन जन उतारे आरती,
धन्य देश महान धन्य हिंदुस्थान,
विश्व में गूँजे हमारी भारती,
जन जन उतारे आरती,
धन्य देश महान धन्य हिंदुस्थान।
इस धरा की गोद में,
संसार को संस्कॄति मिली है,
हर शिखर की धवलता,
इस देश की जिंदादिली है,
सिंधु की हर लहर चरण पखारती,
नदियाँ सदा सिंगारती,
विश्व में गूँजे हमारी भारती,
जन जन उतारे आरती,
धन्य देश महान धन्य हिंदुस्थान।
चल दिया मानो सिकंदर,
इस धरा पर टेक घुटने,
शत्रु की क्या जब लगेगा,
इस वतन का शौर्य जगने,
कुपित हो जब मातृभूमि निहारती,
रण चण्डिका हुंकारती,
विश्व में गूँजे हमारी भारती,
जन जन उतारे आरती,
धन्य देश महान धन्य हिंदुस्थान।
विश्व का हर देश जब भी,
दिग्भ्रमित हो लड़खड़ाया,
लक्ष्य की पहचान करने,
इस धरा के पास आया,
भूमि यह हर दलित को पुचकारती,
हर पतित को उद्धारती,
विश्व में गूँजे हमारी भारती,
जन जन उतारे आरती,
धन्य देश महान धन्य हिंदुस्थान।
विश्व में गूँजे हमारी भारती,
जन जन उतारे आरती,
धन्य देश महान धन्य हिंदुस्थान,
विश्व में गूँजे हमारी भारती,
जन जन उतारे आरती,
धन्य देश महान धन्य हिंदुस्थान।
जन जन उतारे आरती,
धन्य देश महान धन्य हिंदुस्थान,
विश्व में गूँजे हमारी भारती,
जन जन उतारे आरती,
धन्य देश महान धन्य हिंदुस्थान।
इस धरा की गोद में,
संसार को संस्कॄति मिली है,
हर शिखर की धवलता,
इस देश की जिंदादिली है,
सिंधु की हर लहर चरण पखारती,
नदियाँ सदा सिंगारती,
विश्व में गूँजे हमारी भारती,
जन जन उतारे आरती,
धन्य देश महान धन्य हिंदुस्थान।
चल दिया मानो सिकंदर,
इस धरा पर टेक घुटने,
शत्रु की क्या जब लगेगा,
इस वतन का शौर्य जगने,
कुपित हो जब मातृभूमि निहारती,
रण चण्डिका हुंकारती,
विश्व में गूँजे हमारी भारती,
जन जन उतारे आरती,
धन्य देश महान धन्य हिंदुस्थान।
विश्व का हर देश जब भी,
दिग्भ्रमित हो लड़खड़ाया,
लक्ष्य की पहचान करने,
इस धरा के पास आया,
भूमि यह हर दलित को पुचकारती,
हर पतित को उद्धारती,
विश्व में गूँजे हमारी भारती,
जन जन उतारे आरती,
धन्य देश महान धन्य हिंदुस्थान।
विश्व में गूँजे हमारी भारती,
जन जन उतारे आरती,
धन्य देश महान धन्य हिंदुस्थान,
विश्व में गूँजे हमारी भारती,
जन जन उतारे आरती,
धन्य देश महान धन्य हिंदुस्थान।
विश्व में गूंजे हमारी भारती|| देशभक्ति गीत || सरस्वती विद्या मंदिर धनबाद
धन्य देश महान,
धन्य हिंदुस्तान,
विश्व में गूंजे हमारी भारती,
जन जन उतारे आरती,
धन्य देश महान,
धन्य हिन्दुस्तान।
इस धरा की गोद में,
संसार को संस्कृति मिली है,
हर शिखिर की धवलता,
इस देश की जिंदादिली है,
सिन्धु की हर लहर,
चरण पखारती,
नदिया जरा सिंगारती,
धन्य देश महान,
धन्य हिन्दुस्तान।
चल दिया मानो सिकंदर,
इस धरा पर टेक घुटने,
शत्रु की क्या जब लगेगा,
इस वतन का शौर्य जगने,
कुपित हो जब,
मातृभूमि निहारती,
रण चंडिका हुंकारती,
धन्य देश महान,
धन्य हिन्दुस्तान।
विश्व का हर देश जब भी,
दिग भ्रमित हो लड़खड़ाया,
लक्ष्य की पहचान करने,
इस धरा के पास आया,
भूमि यह हर,
दलित को पुचकारती,
हर पतित को उद्धारती,
धन्य देश महान,
धन्य हिंदुस्तान,
विश्व में गूंजे हमारी भारती,
जन जन उतारे आरती,
धन्य देश महान, धन्य हिंदुस्तान।
विश्व में गूंजे हमारी भारती,
जन जन उतारे आरती,
धन्य देश महान,
धन्य हिन्दुस्तान।
इस धरा की गोद में,
संसार को संस्कृति मिली है,
हर शिखिर की धवलता,
इस देश की जिंदादिली है,
सिन्धु की हर लहर,
चरण पखारती,
नदिया जरा सिंगारती,
धन्य देश महान,
धन्य हिन्दुस्तान।
चल दिया मानो सिकंदर,
इस धरा पर टेक घुटने,
शत्रु की क्या जब लगेगा,
इस वतन का शौर्य जगने,
कुपित हो जब,
मातृभूमि निहारती,
रण चंडिका हुंकारती,
धन्य देश महान,
धन्य हिन्दुस्तान।
विश्व का हर देश जब भी,
दिग भ्रमित हो लड़खड़ाया,
लक्ष्य की पहचान करने,
इस धरा के पास आया,
भूमि यह हर,
दलित को पुचकारती,
हर पतित को उद्धारती,
धन्य देश महान,
धन्य हिंदुस्तान,
विश्व में गूंजे हमारी भारती,
जन जन उतारे आरती,
धन्य देश महान, धन्य हिंदुस्तान।
