भेरू जी के भक्तों में देखो आज है खुशियाँ छाई

किसी दिन तो आएंगे दिन मेरे ऐसे जैन प्रार्थना भजन


किसी दिन तो आएंगे दिन मेरे ऐसे,
बढ़ूँगा तेरे पथ, बनूँ तेरे जैसे,
यही प्रार्थना है मेरी तुमसे भगवान,
जो बोलो मैं मानूँ, न पूछूँ कि कैसे।

तुम्हें जब से देखा है, तबसे है माना,
नहीं रागियों की शरण में है जाना,
गगन में तो तारे चमकते अनेक,
नहीं है प्रभा उनमें, दिनकर के जैसे।

सभी प्राणियों के, हो तुम ही हितकर,
हो मंगल के कर्ता, अशुभ के क्षयंकर,
मेरे कर्म बंधन, प्रभु ऐसे काटो,
दिवाकर उदय से, हो तम नाश जैसे।

अनेक हैं जग में, जो धन और वर दें,
मगर तुम हो विरले, जो निज सम ही कर दें,
परम-पद को पाने जपूँ नाम ऐसे,
भटका सा बालक, रटे मातृ जैसे।

तुम्ही ध्येय हो और, तुम्ही ध्यान मेरे,
मैं जब तक भी जन्मूँ, हो भगवान मेरे,
मेरे मन की बगिया को ऐसे खिला दो,
रवि-किरणों से खिलता है राजीव जैसे।

किसी दिन तो आएंगे दिन मेरे ऐसे,
बढ़ूँगा तेरे पथ, बनूँ तेरे जैसे,
यही प्रार्थना है मेरी तुमसे भगवान,
जो बोलो मैं मानूँ, न पूछूँ कि कैसे।




इष्ट प्रार्थना : सारे कष्ट हरने वाली Jain Prathna | Jain Bhajan | Jain Prayer | Jain Stavan

ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
 
स्वर: श्रीमती रीतिका जैन, जबलपुर (8349388111)
लेखन, संगीत, रिकॉर्डिंग: डॉ. राजीव जैन, चंडीगढ़ (8136086301)
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर राजस्थानी भजन हरियाणवी भजन भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। 

Visit Home Page

Next Post Previous Post