श्याम हमारे घर आ जाना
श्याम हमारे घर आ जाना
आ जाना आ जाना,जब भूख लगे तुम्हे श्याम,
हमारे घर आ जाना,
खा जाना खा जाना,
माखन आ के सुबह शाम,
हमारे घर खा जाना।
पनघट पे जब भरने जाऊँ,
पानी गगरी मेरी,
तुम्हे होगी उठवानी,
हँस हँस के बाते बना के,
मुरली पड़ेगी तुमको सुनानी,
करने भी होंगे मेरे काम,
हमारे घर आ जाना,
जब भूख लगे तुम्हे श्याम,
हमारे घर आ जाना,
खा जाना खा जाना,
माखन आ के सुबह शाम,
हमारे घर खा जाना।
करनी ना होगी तुम्हे माखन की चोरी,
कोई शिकायत करे ना बृज की गोरी,
ग्वालियं के संग करना न बरजोरी,
अब कोई मटकी ना जाए फोड़ी,
तंग करना ना कोई ब्रिज ग्वाल,
हमारे घर आ जाना,
जब भूख लगे तुम्हे श्याम,
हमारे घर आ जाना,
खा जाना खा जाना,
मखान आ के सुबह शाम,
हमारे घर खा जाना।
सोने की थाली में भोजन करवाऊँ,
जल पिला के तुझे पेडा खिलाऊँ,
सहज बिछा के तकिया लगाऊँ,
प्रेम से तुम को मैं फिर सुलाऊँ,
प्रभु धरो के धीरे धीरे पाँव,
हमारे घर आ जाना
जब भूख लगे तुम्हे श्याम,
हमारे घर आ जाना,
खा जाना खा जाना,
मखान आ के सुबह शाम,
हमारे घर खा जाना।
आ जाना आ जाना,
जब भूख लगे तुम्हे श्याम,
हमारे घर आ जाना,
खा जाना खा जाना,
माखन आ के सुबह शाम,
हमारे घर खा जाना।
Shyam Hamare Ghar Aa Jana - Shikha Bhargav | Krishna Bhajan । Sanskar Bhajan