मेरा पौणाहारी उड़ दा है विच पौना दे

मेरा पौणाहारी उड़ दा है विच पौना दे

मेरा पौणाहारी उड़ दा है विच पौना दे,
जेहड़ा साह दिंदा है साहनु साह दे साह बन के,
मोरा ते ता बेठन दा इक बहाना है
ओह ता उड़ जांदा है हवा विच हवा बन के,
मेरा पौणाहारी उड़ दा है विच पौना दे,

साहा बकछन वाले दा पौना विच वासा है
किने लेने है ओहदे हथ खाता ए,
सुन सागर पूछ के देख उस कीड़े तो 
पथरा विच बैठा जेहड़ा गवाह बन के,
मेरा पौणाहारी उड़ दा है विच पौना दे,

इक इक सह बड़मुला मूड दा लख करोड़ी न,
की करने ये धुर अंदर तक सुरति जोड़ी न,
जद मूक जानी मणि सागर तो जे स्वासा 
दी मिटी न मिटी होना अंत सवा बन के,
मेरा पौणाहारी उड़ दा है विच पौना दे,

तू क्यों ढाह मस्जिद मैं क्यों ढाना मंदिर नु,
आज रल के पढ़िए इक दूजे दे अंदर नु,
जद पता ओहदे हथ डोर तेरे साहा दी,
तू खुद ही बह गया बंदेया खुदा बन के,
मेरा पौणाहारी उड़ दा है विच पौना दे,



Baba Balaknath 3D Bhajan - Mera Paunahaari -Sur Sagar & Mani Sagar -Studio Beats Records 2019

ऐसे ही मधुर भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार सोंग्स को ढूंढें.
 

पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।

Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर,हरियाणवी सोंग्स गढ़वाली सोंग्स लिरिक्सआध्यात्मिक भजनगुरु भजन, सतगुरु भजन का संग्रह। इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें

Next Post Previous Post