राधा राधा रटूं घनश्याम चले आए भजन
राधा राधा रटूं घनश्याम चले आए भजन
राधा राधा रटूँ, घनश्याम चले आए,
कैसे मैं मनाऊँ, कैसे मैं मनाऊँ, कहीं रूठ न जाए।।
सांवली सूरत, मुरली वाला,
गोपियाँ छेड़े नंदजी का लाला,
मधुर मोहन बंशी बजाए,
कैसे मैं मनाऊँ, कैसे मैं मनाऊँ, कहीं रूठ न जाए।।
राधा मोहन को है अति प्यारी,
दिन–रात निहारूँ सूरत तुम्हारी,
याद तुम्हारी सारी रैन सताए,
कैसे मैं मनाऊँ, कैसे मैं मनाऊँ, कहीं रूठ न जाए।।
मत लगाओ मोहन देरि,
सुन लो कृष्णा अरज़ी मेरी,
मनी मनमराज को कौन गले से लगाए,
कैसे मैं मनाऊँ, कैसे मैं मनाऊँ, कहीं रूठ न जाए।।
कैसे मैं मनाऊँ, कैसे मैं मनाऊँ, कहीं रूठ न जाए।।
सांवली सूरत, मुरली वाला,
गोपियाँ छेड़े नंदजी का लाला,
मधुर मोहन बंशी बजाए,
कैसे मैं मनाऊँ, कैसे मैं मनाऊँ, कहीं रूठ न जाए।।
राधा मोहन को है अति प्यारी,
दिन–रात निहारूँ सूरत तुम्हारी,
याद तुम्हारी सारी रैन सताए,
कैसे मैं मनाऊँ, कैसे मैं मनाऊँ, कहीं रूठ न जाए।।
मत लगाओ मोहन देरि,
सुन लो कृष्णा अरज़ी मेरी,
मनी मनमराज को कौन गले से लगाए,
कैसे मैं मनाऊँ, कैसे मैं मनाऊँ, कहीं रूठ न जाए।।
Radha Radhaराधा राधा | Mamraj Lohra ft. Manni Brar | Dev sSidhu |Shree Krishan Radha Rani New Bhajan
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❁ Title : Radha Radha
❁Sub-Title : Radha Radha
❁ Album : Radha Radha
❁ Singer : Mamraj Lohra ft. Manni Brar
❁ Music : Dev sSidhu
❁ Dev sSidhu Instagram - @dev_sSidhu
❁ Music Arranger: Dev sSidhu
❁ Lyrics : Mamraj Lohra
❁ Title : Radha Radha
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❁ Singer : Mamraj Lohra ft. Manni Brar
❁ Music : Dev sSidhu
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❁ Lyrics : Mamraj Lohra
प्रेम इतना गहरा है कि सांवली सूरत वाला मुरलीधर गोपियों को छेड़ते हुए भी बस एक नजर से मन मोह लेता है। हमें सिखाते हैं कि नंदजी का लाला बंशी की धुन से रैन काटता है, और उसकी याद में दिल बेचैन हो उठता है।
राधा मोहन एक-दूसरे को इतना प्यारा मानते हैं कि दिन-रात बस सूरत निहारने को जी चाहता है। मनमराज को गले लगाने की पुकार में वो डर भी घुला होता है कि कहीं रूठ न जाएं, लेकिन प्रेम की अर्जी सुनते ही देरी न लगाएं। ये बावरी भक्ति जीवन को रंगीन बना देती है, जहां हर पल विरह और मिलन की मिठास घुली रहती है।
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Admin - Saroj Jangir
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