खेले सखियन संग फाग, आज बरसाने में खेले सखियन संग फाग, आज बरसाने में, री हां आज बरसाने में, री हां आज बरसाने में, हो हो होरी हो हो होरी।
अकड़ के संग ग्वालो के ढोले, जै भानु के जमाई के बोले, जीसे हो इनका ही राज, आज बरसाने मे, री हां आज बरसाने मे, खेले री सखियन संग फाग, आज बरसाने में।
करने चले बरसाने में दंगल, संग में सखा सुबाल मधु मंगल, आये बाँध बसंती फाग, आज बरसाने मे, री हां आज बरसाने में, री हां आज बरसाने में, री हां आज बरसाने में, हो हो होरी हो हो होरी।
यित उतरी वृषभानु दुलारी, सँग में सखिया ले मतवारी, कहे मोहन से ललकार, आज बरसाने में, री हां आज बरसाने में, री हां आज बरसाने में, री हां आज बरसाने में, हो हो होरी हो हो होरी।
हो हो करत हो काहे प्यारे, दिन में तोहे दिखायेंगे तारे, जब होरी मचेगी लट्ठ मार, आज बरसाने मे, री हां आज बरसाने में, री हां आज बरसाने में, री हां आज बरसाने में, हो हो होरी हो हो होरी।