तू कहा है बता सांवरे मैं तो ढूंडू तुझे गांव गांव रे भजन

तू कहा है बता सांवरे मैं तो ढूंडू तुझे गांव गांव रे भजन

कोसी देखा होडल देखा फिर देखा बंचारी
और बामनीखेडा देखा पाया ना गिरधारी
कोसी देखा होडल देखा फिर देखा बंचारी
और बामनीखेड़ा देखा पाया ना गिरधारी
मै तो दुनिया में डोला क्या पलवल क्या बहरोला
कही धूप मिली कही छाव रे मै तो ढूंडू तुझे गाँव गाँव रे

तू कहा है बता सांवरे मैं तो ढूंडू तुझे गांव गांव रे
पाया नहीं चितचोर मैंने ढूँढा चऊ और मेरे दुखने लगे पाव रे
मैं तो ढूंडू तुझे गांव गांव रे

मथुरा ढूढा गोकुल ढूँढा ढूंढ लिया वृन्दावन
बरसाने की गालिया ढूंडी ढूंढ लिया गोवर्धन
ढूँढा मैंने दिन रैन पर पाया नहीं चैन
कही धूप मिली कही छाव रे
मैं तो ढूंड़ू तुझे गांव गांव रे

जयपुर दिल्ली चंडीगढ़ से पूरी द्वारका आया
क्या कलकत्ता और क्या मुंबई तू ना कही मिल पाया
ढूंढ लिया मद्रास अब तो आजा मेरे पास
देके आवाज़ मैं बुलाऊ रे
मै तो ढूंडू तुझे गांव गांव रे

लुका छुपी का खेल छोड़ दे अब तो प्रीतम प्यारे
क्यों तरसाए और सांवरिया तू जीता हम हारे
कहे पंडित सतीश ले झुकाया मैंने शीश
अब तो तेरे हवाले नाव रे
मैं तो ढूंडू तुझे गांव गांव रे



एक बार सुने बडा ही प्यारा भजन aman Sharma Vashishth 8053188093

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Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

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