जयकारा बोलो प्यार से भजन

जयकारा बोलो प्यार से भजन

जय कारा बोलो प्यार से,
दोबारा बोलो प्यार से,
दुनिया की खुशियां मिलती है,
वाणी के दरबार से,
जय कारा बोलो प्यार से,
दोबारा बोलो प्यार से।

चन्दन की चौंकी पे बैठी,
जगदम्बे महारानी,
दो नैनं में चाँद सूरज,
मुखड़ा है नूरानी,
पल में मैया बदले किस्मत,
सुन कर के जय कार से,
जय कारा बोलो प्यार से,
दोबारा बोलो प्यार से।

लाल लाल है तन पे चोला,
गल पुष्पों की माला,
जो भी माँ के रूप को देखे,
हो जाये मतवाला,
उस को सब कुछ मिल जाता है,
मैया के भण्डार से,
जय कारा बोलो प्यार से,
दोबारा बोलो प्यार से।

कोई न इसको देख सके,
पर वो सब को ही देखे,
पर देखे पीछे वो बैठी,
लिखती सब के लेखे,
श्याम ने कुछ पाया भक्तों,
मैया के उपकार से,
जय कारा बोलो प्यार से,
दोबारा बोलो प्यार से।


मैया का यह भजन आपको बहुत ही पसंद आएगा ! जयकारा बोलो प्यारा से ! श्याम अग्रवाल #SCI 

दुनिया की हर खुशी उस वाणी के दरबार से मिलती है, जहाँ प्यार भरी आवाज़ में जयकारा लगता है। बस एक बार दिल से मैया का नाम लेकर जयकारा बोलो, और फिर दोबारा बोलो, क्योंकि वो पुकार सीधे उनके कानों तक पहुँचती है। चन्दन की चौकी पर बैठी जगदम्बे महारानी, जिनके नयनों में चाँद और सूरज की रोशनी समाई है, मुखड़ा ऐसा नूरानी कि देखते ही मन डूब जाता है। सुनते ही जयकारे की आवाज़, मैया पल भर में सब कुछ पलट देती हैं, किस्मत को नया रंग दे देती हैं। लाल चोला ओढ़े, गले में फूलों की माला, उनका रूप देखकर जो भी मतवाला हो जाता है, उसे उनके भण्डार से सब कुछ मिल जाता है, क्योंकि माँ का दर कभी खाली नहीं लौटता।
वो खुद को किसी की नजर में नहीं आने देतीं, पर हर किसी को देख रही हैं। पीछे से बैठकर सबके हिसाब-किताब लिख रही हैं, हर कर्म का लेखा-जोखा रख रही हैं। श्याम जैसे भक्तों ने भी जो कुछ पाया, वो मैया के उपकार से ही पाया। जयकारा बोलना प्यार से, ये बस एक छोटी-सी पुकार है जो बड़े-बड़े दरवाजे खोल देती है। ईश्वर का आशीर्वाद ऐसे ही प्रकट होता है, जब भक्ति से नाम लिया जाता है और जयकारे की मिठास दिल में उतर आती है। 

यह भजन भी देखिये
हरे रामा हरे रामा रामा रामा
चलो मम्मी चलो पापा चलो
बम लहरी बम बम लहरी 

Next Post Previous Post