मनभावन चोमासो आ गयो जी कृष्णा भजन

मनभावन चोमासो आ गयो जी कृष्णा भजन

अम्बर छाया बादळ,
मोकळा जी,
हांजी कोई बिजुरी,
की भरमार,
मनभावन चौमासो,
आ गयो जी।

हियो हुळ्सायो बोलै,
मोरिया जी,
हांजी कोई सावण,
रो सिणगार,
मौसम मीठो नैणां,
भा गयो जी।

डाळ कदम्ब की हिण्डो,
पड़ गयो जी,
हांजी कोई मोहन,
करै बिहार,
छेड़कै मुरळी मधुरस,
प्या गयो जी।

गोबर्धन रै लारै,
गरजना जी।
हांजी कोई गायां नै,
ल्यावो घेर,
बेगा जावो मनड़ो,
डर रयो जी।

मनमोहन ने छेड़ी,
बांसुरी जी,
हांजी कोई काढ्यो,
यो'ई सार,
ई जग मांई तूंई,
छा गयो जी।

श्रीराधे संग झूलै,
सांवरो जी,
हांजी कोई झोटा दे बृजनार,
जादूगारो रंग बरसा गयो जी।

श्यामबहादुर सिर को,
सेवरो जी,
हांजी कोई शिव को,
कृष्ण मुरार,
अतिप्रिय जोड़ी नैणां,
समा गयो जी


मनभावन चोमासो - Ambar Chaaya Baadal Mokla - ShivCharan ji Bhimrajka - Sanju Sharma

(तर्ज – पीपळी - राजस्थानी) 

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