बरस रहा रंग तेरे दरबार में मातारानी भजन
बरस रहा रंग तेरे दरबार में मातारानी भजन
बरस रहा बरस रहा बरस रहा,बरस रहा रंग तेरे दरबार,
बरस रहा रंग तेरे दरबार,
हे मातारानी रंग दे मुझे ईक बार,
बरस रहा बरस रहा बरस रहा,
बरस रहा रंग तेरे दरबार,
बरस रहा रंग तेरे दरबार,
बरस रहा बरस रहा बरस रहा,
बरस रहा रंग तेरे दरबार,
बरस रहा रंग तेरे दरबार,
हे मातारानी रंग दे मुझे ईक बार,
बरस रहा रंग तेरे दरबार।
रंगा जिस रंग में ध्यानु को तुमने,
वो ही रंग माँ मुझपे चढ़ा दो,
वो ही रंग माँ मुझपे चढ़ा दो,
वो ही रंग माँ मुझपे चढ़ा दो,
जैसे लगाई लगन श्रीधर को,
वैसी लगन मैया मुझको लगा दो,
वैसी लग्न मैया मुझको लगा दो,
वैसी लग्न मैया मुझको लगा दो,
चढ़े माँ ऐसी तेरे नाम की मस्ती,
चढ़े माँ ऐसी तेरे नाम की मस्ती,
भूलू मैं कुल संसार,
बरस रहा बरस रहा बरस रहा,
बरस रहा रंग तेरे दरबार,
बरस रहा रंग तेरे दरबार,
हे मातारानी रंग दे मुझे ईक बार,
बरस रहा बरस रहा बरस रहा,
बरस रहा रंग तेरे दरबार,
बरस रहा रंग तेरे दरबार,
बरस रहा रंग तेरे दरबार।
जिन पर चढ़ जाये रंग तुम्हारा,
और ना रंग कोई उन पर चढ़ता
और ना रंग कोई उन पर चढ़ता
और ना रंग कोई उन पर चढ़ता
दिनो दिन पक्का होता ही जाता,
कभी भी फीका वो ना पड़ता,
कभी भी फीका वो ना पड़ता,
कभी भी फीका वो ना पड़ता,
उन्हें किसी जन्न्त की हो ना,
उन्हें किसी जन्न्त की हो ना,
मिलता है जिन्हें तेरा प्यार,
बरस रहा बरस रहा बरस रहा,
बरस रहा रंग तेरे दरबार,
बरस रहा रंग तेरे दरबार,
हे मातारानी रंग दे मुझे ईक बार,
बरस रहा बरस रहा बरस रहा,
बरस रहा रंग तेरे दरबार,
बरस रहा रंग तेरे दरबार,
बरस रहा रंग तेरे दरबार।
प्रभु ने रंग यहाँ सात बनाये,
पर तेरे रंग गिने नही जाते,
पर तेरे रंग गिने नही जाते,
पर तेरे रंग गिने नही जाते,
तेरा हर रंग अदभुत विरला,
जिसे विधाता समझ नही पाते,
जिसे विधाता समझ नही पाते,
जिसे विधाता समझ नही पाते,
लीला अनंत तेरी लाल चोलेवालियें,
लीला अनंत तेरी लाल चोलेवालियें,
महिमा है अपरम्पार,
बरस रहा बरस रहा बरस रहा,
बरस रहा रंग तेरे दरबार,
बरस रहा रंग तेरे दरबार,
हे मातारानी रंग दे मुझे ईक बार,
बरस रहा बरस रहा बरस रहा,
बरस रहा रंग तेरे दरबार,
बरस रहा रंग तेरे दरबार,
बरस रहा रंग तेरे दरबार।
जितने निर्दोष रंग तू दिखाती,
हे मेरी मैया तेरा क्या कहना,
हे मेरी मैया तेरा क्या कहना,
हे मेरी मैया तेरा क्या कहना,
हमें जिस रंग में रखोगी माता,
हमने राजी उसी में रहना,
हमने राजी उसी में रहना,
हमने राजी उसी में रहना,
पल में वीराना सबको बना के,
पल में वीराना सबको बना के,
ऐसे तेरे रंगों की फुहार,
बरस रहा बरस रहा बरस रहा,
बरस रहा रंग तेरे दरबार,
बरस रहा रंग तेरे दरबार,
हे मातारानी रंग दे मुझे ईक बार,
बरस रहा बरस रहा बरस रहा,
बरस रहा रंग तेरे दरबार,
बरस रहा रंग तेरे दरबार,
बरस रहा रंग तेरे दरबार।
Baras Raha Rang Tere Darbar By Anuradha Paudwal, Pawan Sharma [Full Song] I Maa Se Baatein Karle
Devi Bhajan: Baras Raha Rang Tere Darbar
Album: Maa Se Baatein Karle
Singer: Anuradha Paudwal, Pawan Sharma
Composer: Harbhajan Singh, Pawan Sharma
Lyrics: Balbir Nirdosh
Music Label:T-Series
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