मात भवानी अम्बे माँ मेरी नैया भवर में है भजन

मात भवानी अम्बे माँ मेरी नैया भवर में है भजन

(मुखड़ा)
मात भवानी अम्बे माँ,
मेरी नैया भंवर में है आ,
तू संकट हर ले माँ,
मात भवानी अम्बे रानी।।

(अंतरा)
जब भी चला कोई लेके सफीना,
तूफान से वो लड़ता जाए,
नाम तेरा माँ रटते-रटते,
भव सागर तर जाए।
जब डूबेगी नैया तू आ जाना मैया,
ये गहरा है सागर का पानी।
मात भवानी अम्बे माँ,
मेरी नैया भंवर में है आ,
तू संकट हर ले माँ,
मात भवानी अम्बे रानी।।

आए मुसीबत मुझ पर अगर माँ,
पलभर में वो लौट जाए,
तेरे चरणों में ये सिर झुकाऊं,
जीवन सफल हो जाए।
मैं दिल से पुकारूं, माँ अर्ज गुजारूं,
अब पार करो कल्याणी।
मात भवानी अम्बे माँ,
मेरी नैया भंवर में है आ,
तू संकट हर ले माँ,
मात भवानी अम्बे रानी।।

है ये तमन्ना ओ अम्बे मैया,
तेरा करम हो जाए,
शीतल हो जाए तन-मन दोनों,
पावन ये घर हो जाए।
ये नजरें हैं प्यासी, है विनती ज़रा-सी,
मेरे घर भी मैया तू आना।
मात भवानी अम्बे माँ,
मेरी नैया भंवर में है आ,
तू संकट हर ले माँ,
मात भवानी अम्बे रानी।।

(अंतिम पुनरावृत्ति)
मात भवानी अम्बे माँ,
मेरी नैया भंवर में है आ,
तू संकट हर ले माँ,
मात भवानी अम्बे रानी।।
 


Ab meri bhi suno he mat bhawani mata ka bhajan || अब मेरी भी सुनो हे मात भवानी || by Findgotech
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