तेरा जब संकट काटूंगी मने पहले चाहिए भजन

तेरा जब संकट काटूंगी मने पहले चाहिए भजन

तेरा जब संकट काटूँगी,
मने पहले चाहिए भोग रे,
मने पहले चाहिए भोग रे,
तेरा जब काटूँगी रोग रे,
तेरा जब संकट काटूँगी,
मने पहले चाहिए भोग रे।।

मरघट से खाकर चालूँ हूँ,
पहला खप्पर भरवाऊँ हूँ,
जिह्वा पर खून रचाऊँ,
जब करती चालूँ भोग रे,
तेरा जब संकट काटूँगी,
मने पहले चाहिए भोग रे।।

जो जैसी भेंट चढ़ावे,
वह वैसा काम करवावे,
मने मदिरा जीव दिखावे,
ये स्याने भोले लोग रे,
तेरा जब संकट काटूँगी,
मने पहले चाहिए भोग रे।।

तू ईसा मस्ती में डुल्या,
मेरा पान और पेड़ा भूल्या,
तू हाँडे फूल्या-फूल्या,
मेरा कीत से काला डोग रे,
तेरा जब संकट काटूँगी,
मने पहले चाहिए भोग रे।।

तेरी जली जोत पे आई,
और के चावे अन्यायी,
मेरी भेंट तलक ना लाई,
तेरे सारे मिटे शोक रे,
तेरा जब संकट काटूँगी,
मने पहले चाहिए भोग रे।।

तेरी कहे तो गर्दन तोड़ूँ,
ना कहे रास्ता मोड़ूँ,
अशोक भगत ना छोड़ूँ,
के मने रिझावे योग रे,
तेरा जब संकट काटूँगी,
मने पहले चाहिए भोग रे।।

तेरा जब संकट काटूँगी,
मने पहले चाहिए भोग रे,
मने पहले चाहिए भोग रे,
तेरा जब काटूँगी रोग रे,
तेरा जब संकट काटूँगी,
मने पहले चाहिए भोग रे।।



Tera Jab Sankat Katungi|तेरा जब संकट काटूंगी मन्ने चाहिए पहला भोग रे |भोग निराले काली के |Kaushik

ऐसे ही मधुर भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार सोंग्स को ढूंढें.
 

पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।

 
Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर,हरियाणवी सोंग्स गढ़वाली सोंग्स लिरिक्सआध्यात्मिक भजनगुरु भजन, सतगुरु भजन का संग्रह। इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें

Next Post Previous Post