खाटू ना आऊँ तो जी घबराता है भजन

खाटू ना आऊँ तो जी घबराता है भजन

खाटू ना आऊं तो जी घबराता है,
देख के तुझको दिल को,
मेरे चैन आता है,
ये तेरी कृपा है तू ही बुलाता है,
देख के तुझको दिल को,
मेरे चैन आता है।

चाँद और सितारे,
फूल और नज़ारे,
लगते नहीं हैं,
अब हमको प्यारे,
जबसे निहारी सूरत तुम्हारी,
तबसे चढ़ी है तेरी खुमारी,
तबसे चढ़ी है तेरी खुमारी,
तेरे सिवा ना कोई,
मुझको भाता है,
देख के तुझको दिल को,
मेरे चैन आता है।

कैसी भी मुश्किल,
कैसी भी उलझन,
घेरे उदासी बोझिल सा हो मन,
आके यहाँ मैं सब भूल जाता,
रोता हुआ दिल फिर मुस्कुराता,
रोता हुआ दिल फिर मुस्कुराता,
भक्तों पे इतना तू प्यार लुटाता है,
देख के तुझको दिल को,
मेरे चैन आता है।

जबसे मिला है दर ये तुम्हारा,
तबसे बना मैं सबका ही प्यारा,
आनंद को आनंद मिलता यहाँ हैं,
खाटू सी मस्ती बोलो कहाँ है,
खाटू सी मस्ती बोलो कहाँ है,
इसीलिए तो सोनू दर पे आता है,
देख के तुझको दिल को,
मेरे चैन आता है।

खाटू न आऊं तो जी घबराता है,
देख के तुझको दिल को,
मेरे चैन आता है,
ये तेरी कृपा है तू ही बुलाता है,
देख के तुझको दिल को,
मेरे चैन आता है।

खाटू ना आऊं तो जी घबराता है,
देख के तुझको दिल को,
मेरे चैन आता है,
ये तेरी कृपा है तू ही बुलाता है,
देख के तुझको दिल को,
मेरे चैन आता है।


खाटू श्यामजी जाने वाले जरूर सुने - खाटू ना आऊँ तो जी घबराता है | Khatu Na Aau To Jee Ghabrata Hai
Next Post Previous Post