मैं लगूं प्यारी या बांसुरी है प्यारी

मैं लगूं प्यारी या बांसुरी है प्यारी

पूछ रही राधा बताओ गिरधारी,
मैं लगूं प्यारी या बांसुरी है प्यारी,
पूछ रही राधा बताओ गिरधारी,
मैं लगूं प्यारी या बांसुरी है प्यारी।

मधुबन में तूने बांसुरी बजाई,
सब सखियां घर घर से बुलाई,
सखियों की यारी लगे तुमको प्यारी,
मैं लगूं प्यारी या बांसुरी है प्यारी।

गोकुल में छुप छुप के माखन चुराये,
ग्वाल वालों संग बांट बांट खायें,
अच्छी लगे तोहे ग्वालो की यारी,
मैं लगूं प्यारी या बांसुरी है प्यारी।

सारा बृज ढूंढा वृंदावन में छुप गये,
हमसे क्यों रहते हो दूर दूर हट के,
दर्शन को प्यासी हैं अखियां हमारी,
मैं लगूं प्यारी है बांसुरी है प्यारी।

जमुना तट पर चीर चुराये,
कदम डाल पर चढ़कर दिखाये,
सखियों को भावे शरारत तुम्हारी,
मैं लगूं प्यारी या बांसुरी है प्यारी।

निधिवन में कान्हा रास रचाये,
खुद नाचे और सबको नचाये,
हमको क्यों भूल गए गिरधारी,
मैं लगूं प्यारी या बांसुरी है प्यारी।

पूछ रही राधा बताओ गिरधारी,
मैं लगूं प्यारी या बांसुरी है प्यारी,
पूछ रही राधा बताओ गिरधारी,
मैं लगूं प्यारी या बांसुरी है प्यारी।
 



में लागू प्यारी या बांसुरी है प्यारी !! ME LAGU PYARI YA BASURI HAI PYARI

Next Post Previous Post