मैं तेरे बिना रह नही सकदा माँ मातारानी भजन

मैं तेरे बिना रह नही सकदा माँ मातारानी भजन

मैं तेरे बिना रह नही सकदा माँ,
मैं तेरे बिना रह नही सकदा माँ,
जुदाईया सह नही सकदा माँ,
मैं तेरे बिना रह नही सकदा माँ।

तेरे मन्दिरां ने वर दाती,
मोह लेया मन मेरा,
मोह लेया मन मेरा,
मोह लेया मन मेरा,
दिल करदा शाम सवेरे,
पाँवा दर तेरे फेरा माँ,
पाँवा दर तेरे फेरा माँ,
पाँवा दर तेरे फेरा माँ,
याद मेरी माँ तैनु आई,
हो ओ हो हो,
याद मेरी माँ तैनु आई,
तू मैनु खत पाया,
तू सदेया मै द्वार तेरे ते,
दौड़ा दौड़ा आया,
मैं तेरे बिना रह नही सकदा माँ।

मेरे घर विच सदा ही,
तेरी जोत जगे महारानी,
ज्योत जगे महारानी,
जोत जगे महारानी,
तेरे नाम दा माला फेरे,
हर ईक घर दा प्राणी,
हर ईक घर दा प्राणी,
हर ईक घर दा प्राणी,
रीझा नाल मै घर विच तेरा,
हो ओ हो हो,
रीझा नाल मै घर विच तेरा,
है मन्दिर बनवाया,
तू सदया मै द्वार तेरे ते,
दौङा दौङा आया,
मैं तेरे बिना रह नही सकदा माँ।

कल तक जेहड़े सपने सी,
माँ अज सारे सच होये,
अज सारे सच होये,
अज सारे सच होये,
सांनु अपनी सेवा बक्शी,
साढे पाप लकोऐ,
साडे पाप लकोऐ,
साढे पाप लकोऐ,
अपने भक्ता दे घर हुण ते,
हो ओ हो हो,
अपने भक्ता दे घर हुण ते,
माँ तू कर्म कमांया,
तू सदया मै द्वार तेरे दे,
दौड़ा दौड़ा आया,
मैं तेरे बिना रह नही सकदा माँ।


Main tere bin reh nhi sakda maa... By suresh ji 

माँ के बिना जीने का विचार तब ही दिल पर भारी पड़ता है जब उसने सीमा तोड़कर अपने‑आप को पूरे घर में बसा लिया हो। जिस मंदिर की ज्योत घर के हर कोने में जलाई जाती है, जहाँ की माला हर किसी के हाथ में घूमती है, वही माँ अब घर की दीवारों के बीच मंदिर बन जाती है। यही वजह है कि लगता है उससे जुदा होना नाममात्र भी असंभव है—जैसे साँस लेने के लिए हवा की ज़रूरत होती है, वैसे ही दिल को माँ की याद ही साँस देती है।

याद आती है तो दौड़कर द्वार के पास जाने का भाव खुद ही जागता है। जो सपने सिर्फ रात की नींद में ही दीखते थे, वे अब माँ की कृपा से आँखों के सामने सच होने लगते हैं—नाम रटने से पाप कम होते मालूम पड़ते हैं, भक्ति के घर में वही रौशनी घर को दूर‑दूर तक चमका देती है। इस भाव से लगता है कि जब घर ही माँ का मंदिर बन जाता है, जब हर साँस में उसका नाम लिपटा रहता है, तब तो फिर माँ के बिना रहना और ही असंभव हो जाता है। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री माँ जी की। 

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