तुलसा बनी रे दुल्हनिया खुशी मनाये दुनिया भजन

तुलसा बनी रे दुल्हनिया खुशी मनाये अब सारी दुनिया भजन

दूल्हा शालिग्राम,
तुलसा बनी रे दुल्हनिया,
खुशी मनाये अब सारी दुनिया,
तुलसा बनी रे दुल्हनिया।

श्री कृष्ण की प्यारी तुलसा,
पनिया भरण को चाली रे,
बीच में मिल गई चतुर राधिका,
बड़ी इठला के बोली रे,
तुलसा लगे हैं मेरी सौतनिया हो,
तुलसा बनी रे दुल्हनिया।

इतने वचन सुने तुलसा ने,
बदन गयो मुरझाई रे,
हिलती दुल्टी घर को आये,
पीछे आये कन्हाई रे,
कैसे हो रही हो,
तुलसा अनमनिया,
तुलसा बनी रे दुल्हनिया।

तुमरी राधा बड़ी चतुर है,
अटपटी हमसे बोली रे,
सब सखियन में ताना मारे,
तुलसा सौतन हमरी रे,
समझा लियो,
अपनी राधा रनिया,
तुलसा बनी रे दुल्हनिया।

छप्पन भोग छतिसो व्यंजन,
जो कोई भोग लगावे रे,
बिन तुलसा मोहे एक ना भावे,
करो जतन कोई लाखों रे,
छज्जे ऊपर चढ़कर बैठी,
जैसे मुकुट में जड़ी हो मनिया,
तुलसा बनी रे दुल्हनिया।

तुलसा मेरी प्राण प्यारी,
इसका भेद ना पायो रे,
सुर नर मुनि जन सकल देवता,
विमल विमल यस गायो रे,
वेदों ने लिखी है,
इसकी गाथनिया,
तुलसा बनी रे दुल्हनिया।

दूल्हा शालिग्राम तुलसा बनी रे दुल्हनिया |Tulsi Shaligram Vivah Geet |Tulsi Vivah Gana | Tulsa Bhajan

तुलसी जी को श्री कृष्ण ने दुल्हनिया का रूप दिया, जैसे कोई सबसे प्यारा रिश्ता बंध गया हो। शालिग्राम रूप में दूल्हा बने कन्हाई के साथ उनकी शादी हुई, और सारी दुनिया खुशी मनाने लगी। तुलसी पनिया भरने चलीं तो बीच राह में राधिका मिल गईं, बड़ी इठलाकर बोलीं कि यह मेरी सौतन है। तुलसी का मन मुरझा गया, बदन सुस्त पड़ गया, घर लौट आईं हिलती-डुलती। पीछे-पीछे कन्हाई आए, पूछा कैसे हो अनमनी हो रही हो। फिर समझाया कि राधा बड़ी चतुर है, सखियों में ताने मारती है, पर तुम मेरी प्राण प्यारी हो। तुलसी को सौतन कहकर भी कन्हाई ने दिल जीत लिया, क्योंकि उनका प्रेम सबको समान है।


छप्पन भोग, छत्तीस व्यंजन लगाए जाते हैं, लेकिन बिना तुलसी के एक भी नहीं भाता। कन्हाई कहते हैं कि लाख कोशिश करो, पर तुलसी के बिना भोग अधूरा रहता है। वह छज्जे पर चढ़कर बैठी रहती हैं, जैसे मुकुट में जड़ी हुई मणि हो। सुर, नर, मुनि, देवता सब उनकी विमल यश गाते हैं, वेदों में उनकी गाथाएँ लिखी हैं। तुलसी का यह रूप प्रेम की ऐसी मिसाल है कि जो भी उनके दर्शन करता है, उसका मन शुद्ध हो जाता है, और जीवन में भक्ति की खुशबू फैल जाती है। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री कृष्ण जी की। 

◉ Title ▸Dulha Shaligram Tulsa Bani Re Dulhaniya
◉ Artist ▸Pallavi Narang
◉ Singer ▸Meenakshi Mukesh
◉ Music ▸Pardeep Panchal
◉ Lyrics & Composer ▸Traditional
◉ Editing ▸Utsav
◉ Label ▸Pallavi Narang Bhajan 

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