मैया लक्ष्मी पधारो द्वार भरे यश वैभव से
(मुखड़ा)
मैया लक्ष्मी पधारो द्वार,
भरे यश वैभव से भंडार,
भक्त पुकार रहे,
तुझे निहार रहे।।
(अंतरा)
निर्धन की झोली भरती हो,
धन की वर्षा तुम करती हो,
मिले मान, सम्मान अपार,
छाए खुशियों की बहार,
भक्त पुकार रहे,
तुझे निहार रहे।।
उमा, रमा तुमपे बलिहारी,
पूजा करते देव तुम्हारी,
तुम बिन ना कोई त्यौहार,
तुमसे चलता है संसार,
भक्त पुकार रहे,
तुझे निहार रहे।।
जो कोई भी तुमको ध्याता,
रिद्धि, सिद्धि, धन वो है पाता,
जिस घर में तुम्हारा वास,
अर्चू उसका बेड़ा पार,
भक्त पुकार रहे,
तुझे निहार रहे।।
(पुनरावृत्ति)
मैया लक्ष्मी पधारो द्वार,
भरे यश वैभव से भंडार,
भक्त पुकार रहे,
तुझे निहार रहे।।
मैया लक्ष्मी पधारो द्वार | Maiya Laxmi Padharo Dwar | Maa Laxmi Ke Bhajan | Mata Ke Bhajan
Song : Maiya Laxmi Padharo Dwar
Singer : Upasana Mehta