खुदाया शुक्र है तेरा

खुदाया शुक्र है तेरा

खुदाया शुक्र है तेरा,
हमें ये दिन देखा है,
तेरे दर पर हम आए हैं,
और अपना सर झुकाया है।

कभी हम भूल नहीं सकते,
मसिहा बरकतें तेरी,
दुआ में जो कुछ मांगा,
आपसे हमने पाया है,
तेरे दर पर हम आए हैं,
और अपना सर झुकाया है।

हम अपने सारे हादिये,
ले कर तेरे घर में हाज़िर हो,
कलाम ए पाक में तूने,
हमें यही सिखाया है,
तेरे दर पर हम आए हैं,
और अपना सर झुकाया है।

मेरी जो सरफराजी है,
वो तेरी मेहरबानी है,
तेरे लुत्फ ओ करम का,
या रब किसने भेद पाया है,
तेरे दर पर हम आए हैं,
और अपना सर झुकाया है।

हमारे बाल बच्चों पर सदा,
नज़र ए करम रखना,
के जैसे आजतक रहमत का,
तेरी हम पर साया है,
तेरे दर पर हम आए हैं,
और अपना सर झुकाया है।



खुदाया शुक्र है तेरा

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