भर लो झोलियां भर लो मातारानी भजन
मात मेरी बह गयी आसन ला के,
बह गयी आसन ला के,
मात मेरी बह गयी आसन ला के,
भर लो झोलियां भर लो।
सुहा सुहा चोला अंग विराजे,
मथे मुकुट सजा के,
मथे मुकुट सजा के,
मात मेरी बह गयी आसन ला के,
भर लो झोलियां भर लो।
पीले शेर दी करे सवारी,
उत्ते पाखंन पाके,
उत्ते पाखंन पाके,
मात मेरी बह गयी आसन ला के,
भर लो झोलियां भर लो।
संगता नू माँ दर्श दिखावे,
पवन रूप विच आके,
पवन रूप विच आके,
मात मेरी बह गयी आसन ला के,
भर लो झोलियां भर लो।
भगत भागियो भेंटा गावे,
संगता दे नाल आके,
संगता दे नाल आके,
मात मेरी बह गयी आसन ला के,
भर लो झोलियां भर लो।
बह गयी आसन ला के,
मात मेरी बह गयी आसन ला के,
भर लो झोलियां भर लो।
सुहा सुहा चोला अंग विराजे,
मथे मुकुट सजा के,
मथे मुकुट सजा के,
मात मेरी बह गयी आसन ला के,
भर लो झोलियां भर लो।
पीले शेर दी करे सवारी,
उत्ते पाखंन पाके,
उत्ते पाखंन पाके,
मात मेरी बह गयी आसन ला के,
भर लो झोलियां भर लो।
संगता नू माँ दर्श दिखावे,
पवन रूप विच आके,
पवन रूप विच आके,
मात मेरी बह गयी आसन ला के,
भर लो झोलियां भर लो।
भगत भागियो भेंटा गावे,
संगता दे नाल आके,
संगता दे नाल आके,
मात मेरी बह गयी आसन ला के,
भर लो झोलियां भर लो।
भर लो झोलिया | Bhar Lo Jholiya | Narendra Chanchal Popular Song | Balbir Nirdosh | Maa Devi Bhajan
Song Name : Bhar Lo Jholiya
Singer: Narendra Chanchal
Lyrics : Balbir Nirdosh
Lable : Tips Industries Ltd.
माँ का आगमन आसन पर होता है सुंदर पीले चोले में सजकर, माथे पर चमकता मुकुट लगाए। पीले शेर पर सवार होकर ऊपर से पाकड़ उड़ाते हुए आती हैं, भक्तों को दर्शन देती पवन रूप धारण कर। संगत के साथ भगत भेंट गाते, झोलियाँ भर-भरकर आशीष बरसाती चलती हैं। ये दृश्य जीवन को नई ऊर्जा से भर देता, जैसे कोई ममता की वर्षा हो रही हो।
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