जो कहानी राम की है वह कहानी श्याम की
जो कहानी राम की है,
वह कहानी श्याम की,
राम के संग जानकी है,
राधा रानी श्याम की।
राम और लक्ष्मण की जोड़ी,
कृष्ण और बलराम की,
यह अयोध्या राम की है,
मथुरा नगरी श्याम की।
राम की कौशल्या माता,
देवकी नंद लाल की,
राम है मेरे धनुषधारी,
मुरली है मेरे श्याम की।
शबरी के बेरो को राम खाए,
गुजरी का माखन श्याम जी,
अवध बिहारी राम जी हैं,
कुंज बिहारी श्याम जी।
राम ने रावण को मारा,
कंस को श्रीकृष्ण ने,
राम की सारी नगरिया,
आसमा मेरे श्याम की।
राम है दशरथ के लाल,
कृष्णा है नंदलाल के
राम की होती दिवाली,
होली होती श्याम की।
वह कहानी श्याम की,
राम के संग जानकी है,
राधा रानी श्याम की।
राम और लक्ष्मण की जोड़ी,
कृष्ण और बलराम की,
यह अयोध्या राम की है,
मथुरा नगरी श्याम की।
राम की कौशल्या माता,
देवकी नंद लाल की,
राम है मेरे धनुषधारी,
मुरली है मेरे श्याम की।
शबरी के बेरो को राम खाए,
गुजरी का माखन श्याम जी,
अवध बिहारी राम जी हैं,
कुंज बिहारी श्याम जी।
राम ने रावण को मारा,
कंस को श्रीकृष्ण ने,
राम की सारी नगरिया,
आसमा मेरे श्याम की।
राम है दशरथ के लाल,
कृष्णा है नंदलाल के
राम की होती दिवाली,
होली होती श्याम की।
जो कहानी राम की है वो कहानी श्याम की | श्री कृष्ण और राम जी का भजन | Komal Gouri (With Lyrics)
Title ▹Jo Kahani Ram Ki Hai Wo Kahani Shyam Ki
Artist ▹ Neelkamal
Singer ▹Komal Gouri
Music ▹ Pardeep Panchal
Lyrics & Composer ▹ Traditional
Editing ▹KV Sain
Artist ▹ Neelkamal
Singer ▹Komal Gouri
Music ▹ Pardeep Panchal
Lyrics & Composer ▹ Traditional
Editing ▹KV Sain
राम और श्रीकृष्णजी, दोनों की कहानी प्रेम और धर्म की एक ही डोर से बंधी है। राम के साथ सीता माता की जोड़ी, जैसे श्रीकृष्णजी के साथ राधारानी का प्रेम, दोनों दिल को छू लेते हैं। अयोध्या में राम का राज, तो मथुरा में श्रीकृष्णजी की लीलाएं, दोनों जगह प्रभु की महिमा गूंजती है।
कौशल्या माता की गोद में राम, तो देवकी माता के हृदय में श्रीकृष्णजी, दोनों मांओं का लाड़ला प्यार अनमोल है। राम का धनुष जो रावण का अंत करता है, और श्रीकृष्णजी की मुरली जो हर मन को बांध लेती है—दोनों की शक्ति प्रेम में है। शबरी के जूठे बेर राम को भाए, तो गोपियों का माखन श्रीकृष्णजी को लुभाए—ये प्रेम ही है जो भक्त और भगवान को जोड़ता है।
कौशल्या माता की गोद में राम, तो देवकी माता के हृदय में श्रीकृष्णजी, दोनों मांओं का लाड़ला प्यार अनमोल है। राम का धनुष जो रावण का अंत करता है, और श्रीकृष्णजी की मुरली जो हर मन को बांध लेती है—दोनों की शक्ति प्रेम में है। शबरी के जूठे बेर राम को भाए, तो गोपियों का माखन श्रीकृष्णजी को लुभाए—ये प्रेम ही है जो भक्त और भगवान को जोड़ता है।
