आछे दिन पाछे गये गुरू सों किया न हेत मीनिंग
आछे दिन पाछे गये गुरू सों किया न हेत हिंदी मीनिंग
आछे दिन पाछे गये, गुरू सों किया न हेत।
अब पछितावा क्या करै, जब चिडियां चुग गई खेत।।
अब पछितावा क्या करै, जब चिडियां चुग गई खेत।।
Aachhe din pache gaye, Guru soun kiya na heth
Ab pachitawa kya kare, Jab chiriyan chug gayi kheth.
हिंदी अर्थ व्याख्या सहित : कबीर साहेब इस दोहे में सन्देश देते हैं की अच्छे दिन बीत गए हैं, तुमने ईश्वर का सुमिरन नहीं किया है। तुमने गुरु से प्रेम सम्बन्ध को स्थापित नहीं किया है। अब तुम्हारे पछताने से क्या होगा, जब काल रूपी चिड़िया ने मानव जीवन को चुग लिया है। आशय है की जवानी के समय जब शरीर में शक्ति होती है, तभी हरी के नाम का सुमिरन करना चाहिए, बुढापे में तमाम तरह के रोग और विकार व्यक्ति को घेर लेते हैं.
|
Author - Saroj Jangir
दैनिक रोचक विषयों पर में 20 वर्षों के अनुभव के साथ, मैं कबीर के दोहों को अर्थ सहित, कबीर भजन, आदि को सांझा करती हूँ, मेरे इस ब्लॉग पर। मेरे लेखों का उद्देश्य सामान्य जानकारियों को पाठकों तक पहुंचाना है। मैंने अपने करियर में कई विषयों पर गहन शोध और लेखन किया है, जिनमें जीवन शैली और सकारात्मक सोच के साथ वास्तु भी शामिल है....अधिक पढ़ें। |
