गुरु नाम की रैल खड़ी कबीर भजन
गुरु नाम की रैल खड़ी कबीर भजन गुरु नाम की रेल खड़ी है, इसका टिकट कटवा लो रे, नैया भंवर में पड़ी हुई है, भव से पार लगा लो रे।। मन के भीत...
गुरु नाम की रैल खड़ी कबीर भजन गुरु नाम की रेल खड़ी है, इसका टिकट कटवा लो रे, नैया भंवर में पड़ी हुई है, भव से पार लगा लो रे।। मन के भीत...
लेणा हुए सो लीजे म्हारा भाईला रे कबीर भजन लेणा हुए सो लीजे म्हारा भाईला रे, अब आई तो लेवण की रे बेला रे साधो, मानखो जनम हीरो हाथ नहीं आवे ...
हिवड़े सुख बरसे आनंद होवे रे डीघी डीघी पाल समंद री, तलवे जल जमुना रो नीर, होवे रे पार चढ़े गुरु नो मैं जोवियो रे, सतगुरु त्रमना री सीर। होवे...
तेरी काया नगर का कुण धणी भजन तेरी काया नगर का कुण धणी, मारग में लूटे पांच जणी, पांच जनी पच्चीस जनी, मारग में लूटे पांच जणी। आशा तृष्णा नदि...
आरी गगन मां और उल्टा बाण गगन में लागा गगन माँ म्हारो परभु रमे छे निराधारो रे, गगन माँ राम रमे रंगारो रे हरी। आरी गगन माँ ज्योत जलंत है, ऐन...
नर तन फेर ना मिलेगो रे नर तन फेर ना मिलेगो रे, बांधे क्यों गठड़िया प्राणी पाप की। बड़े भाग मानुष तन पायो, भटक भटक चौरासी, अब के दाव चूक ...
मन ना रंगाये जोगी कपड़ा रंगाये भजन लिरिक्स तन को जोगी सब करे, मन को करे ना कोई, सहज सब सिद्धि पाइए, जो मन जोगी होय। हम तो जोगी मन ही के,...
तिनका कबहुँ ना निंदिये जो पाँव तले होय मीनिंग Tinaka Kabahu Na Nindiye Meaning तिनका कबहुँ ना निंदिये, जो पाँव तले होय। कबहुँ उड़ आँखों पड़े...
तन के तम्बूरे में दो सांसों की तार बोले तन तम्बूरा तार मन, अद्भुत है ये साज, हरि के कर से बज रहा, हरि ही है आवाज, तन के तम्बूरे में दो, ...
डर लागे और हांसी आवे Dar Lage Aur Hansi Aave Bhajan डर लागे डर लागे डर लागे डर लागे और हांसी आवे, अजब जमाना आया रे, अजब जमाना आया रे, डर...
कबीर अमृतवाणी Kabir Amritvani Complete Lyrics गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पाय, बलिहारी गुरु आपने, गोविन्द दियो बताय। ऐसी वाणी बो...
मन नि रंगाया रंगाया कपड़ा कबीर भजन मन न रंगाया, रंगाया कपड़ा, हो जोगी मन न रंगाया, रंगाया कपड़ा, रंगाया कपड़ा हो, रंगाया कपड़ा। हा जाय जंग...
मगन हुई गई मीरा राम गुन गई के भजन मगन हुई गई मीरा राम गुन गई के, राम गुन गई के हरी का गुन गई के, आनंद हुई गई मीरा राम गुन गई के। राणों चले...
हम परदेसी पंछी रे साधु भाई भजन साखी - एजी सरवर तरवर संत जना ,और चौथा बरसे मेघ अरे परमारथ के कारणे, गुरु चारो धारी देह भजन - हम परदे...
भींजे रे चुनरिया भजन साखी - एजी रंग ही से रंग उपजे, और सब रंग देखा एक अरे कोन रंग है जिव का ,ओर ताका करो विवेक | भजन - ओहो भींगे रे...
झाड़ू म्हारो फिर रयो निर्गुण माय साखी:- जो तू सांचा बाणिया सांची हाट लगाव अंदर झाडू देयके कचरा देत बहाव।। भजन:- हाँ रे मनवा सत सरभंगी म्हारो ...
बिना चंदा बिना भाण सूरज बिना होया उजियारा अरे बिना चंदा रे बिना बाण सूरज बिना होया उजियाला है है परलोगा मति जाये हेली निरखले वही उणीयारो ह...
मोरे सतगुरू के दरबार भजन साखी- गगन मंडल के बीच मे, और जहा सोहंगम डोर | अरे शब्द अनहद होत है, जहा सुरती है मोर। भजन - मोरे सतगुरू क...
थारा भरिया समंद माई हीरा भजन साखी- हरी हीरा जन जोहरी, और ले ले मांडी हाट। ऐसे मिले कोई पारखी, और तब हीरो की साठ। 2. हीरा पड़ा बाजार...
तन का क्यों करता गरुर कबीर भजन ऐजी रतन का तु जतन कर और माटी का सिंगार, Save the diamond of knowledge, And makup clay. अरे आया कबीरा और गया...