राम लक्ष्मण ना मांगो गुरुजी लिरिक्स Ram Lakshman Na Mango Guruji
राम लक्ष्मण ना मांगो गुरुजी,
वो तो देने के काबिल नहीं हैं,
उनकी छोटी उमरिया अभी है,
वन में जाने के काबिल नहीं हैं।
राम के सर पे मुकुट सजे हैं,
और चंदन के तिलक लगे हैं,
सिर झुकाने के क़ाबिल नहीं है,
राम लक्ष्मण ना मांगो गुरुजी,
वो तो देने के काबिल नहीं हैं।
इनके अंगों में बटुका सजे हैं,
और कमर पीताम्बर सजे हैं,
धनुष उठाने के क़ाबिल नहीं हैं,
राम लक्ष्मण ना मांगो गुरुजी,
वो तो देने के काबिल नहीं हैं।
उनके पैरों में पायल बंधे हैं,
उनके हाथों में लाली लगी हैं,
कंकड़ पे चलने के काबिल नहीं हैं,
राम लक्ष्मण ना मांगो गुरुजी,
वो तो देने के काबिल नहीं हैं।
राम लक्ष्मण ना माँगो गुरुजी इस अयोध्या की शोभा यही हैं