बाबे के धूणे की एक चुटकी भभूती की भजन
बाबे के धूणे की एक चुटकी भभूती की भजन
बाबे के धूणे की, एक चुटकी भभूती की।
ले जाओ संगतो, एक चुटकी भभूती की॥
ओहदा धूणा शाह-तलाईयाँ,
संगतें माथा टेकन आईयाँ।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
जेहड़ी पुड़ी गुफा से मिलती,
पूरी आस करे दिल की।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
यह सिद्ध नाथ का धूणा,
कर देवे हौसला दूणा।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
जिहने धूणे लकड़ लाई,
ओहदी जिंदगी सफल बनाई।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
जिहने रोट का भोग लगाया,
ओहने रूठा रब मनाया।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
मेरे बाबा बालक नाथ,
भक्त को होने न दे उदास।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
जिहने घर में सिटा लगाया,
बाबे घर को स्वर्ग बनाया।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
जेहड़ा माथे को ला लेता,
वो तो सुखी हमेशा रहता।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
यह तो सब्रों का फल देवे,
वंडे मीठे-मीठे मेवे।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
विश्वास जिन्होंने किया,
पल्ला नाल मुरादां भरिया।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
यह तो डोलते को देवे दिलासा,
दुखों को करती पासा।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
यह तो राहें आसान करे,
इसकी क्या-क्या सिफ़त करूँ।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
यह तो भक्तों को देवे सहारे,
डोलती बेड़ी लावे किनारे।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
जिहने जोगी का लर फड़िया,
वो तो भव सागर से तरिया।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
जिहने पानी में पा पीती,
ओहदे अंदरों गई पलीती।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
जेहड़ा साथ बदन के लावे,
वो तंदरुस्ती का फल पावे।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
लागा जोगी लर गुरमेहर,
भले ही लग गई हो देर।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
यह तो जान मुई में पावे,
ताहियों सिफ़तें नूर सुनावे।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
ले जाओ संगतो, एक चुटकी भभूती की॥
ओहदा धूणा शाह-तलाईयाँ,
संगतें माथा टेकन आईयाँ।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
जेहड़ी पुड़ी गुफा से मिलती,
पूरी आस करे दिल की।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
यह सिद्ध नाथ का धूणा,
कर देवे हौसला दूणा।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
जिहने धूणे लकड़ लाई,
ओहदी जिंदगी सफल बनाई।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
जिहने रोट का भोग लगाया,
ओहने रूठा रब मनाया।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
मेरे बाबा बालक नाथ,
भक्त को होने न दे उदास।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
जिहने घर में सिटा लगाया,
बाबे घर को स्वर्ग बनाया।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
जेहड़ा माथे को ला लेता,
वो तो सुखी हमेशा रहता।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
यह तो सब्रों का फल देवे,
वंडे मीठे-मीठे मेवे।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
विश्वास जिन्होंने किया,
पल्ला नाल मुरादां भरिया।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
यह तो डोलते को देवे दिलासा,
दुखों को करती पासा।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
यह तो राहें आसान करे,
इसकी क्या-क्या सिफ़त करूँ।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
यह तो भक्तों को देवे सहारे,
डोलती बेड़ी लावे किनारे।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
जिहने जोगी का लर फड़िया,
वो तो भव सागर से तरिया।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
जिहने पानी में पा पीती,
ओहदे अंदरों गई पलीती।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
जेहड़ा साथ बदन के लावे,
वो तंदरुस्ती का फल पावे।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
लागा जोगी लर गुरमेहर,
भले ही लग गई हो देर।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
यह तो जान मुई में पावे,
ताहियों सिफ़तें नूर सुनावे।
एक चुटकी भभूती की,
ले जाओ संगतो, एक चुटकी॥
Chutki Bhaputi Di | Nirmal Noor | Gurmehar Singh | Baba Balak Nath Bhajans | Orik Music Song 2022
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Admin - Saroj Jangir
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