हो जावे शुकराना ओह दा कलम भजन

हो जावे शुकराना ओह दा कलम बनाई काने दी

हो जावे शुक्राना ओह दा, कलम बनाई काने दी,
सतगुरु मेरे चाबी दिती, इक अनमोल खजाने दी।
हो जावे शुक्राना ओह दा।।

आ भटक~भटक के ज़िंदगी, आखिर हार किते ना पाई सी,
दर्शन करके प्यास बुझी है, ज़िंदगी मेरी तड़पाई सी,
नाम दी बख्शीश करके, सतगुरु कड़ी फ़िक्र दीवाने दी,
सतगुरु मेरे चाबी दिती, इक अनमोल खजाने दी।
हो जावे शुक्राना ओह दा।।

चंगा किता मेरा, माड़ा किता तेरा है,
दिल दे चीते चानन विच भी, मन मंदिर विच नेहरा है,
भेस मेरे विच लोड मालका, नाम वाले अफ़साने दी,
सतगुरु मेरे चाबी दिती, इक अनमोल खजाने दी।
हो जावे शुक्राना ओह दा।।

दिल करदा भूख भर~भर, भंडा तेरीयां दितियां दाता नूं,
अपने घर दा राह सजा के, बख्श मेरे पापा नूं,
सिद्धू हरसा सिफत करूं गा, तेरे हर नजराने दी,
सतगुरु मेरे चाबी दिती, इक अनमोल खजाने दी।
हो जावे शुक्राना ओह दा।।


Ho jaye shukrana uda.. Satguru mere chabi diti ~saiaastha™

ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
 

पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।

Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर गुरु भजन, सतगुरु भजन का संग्रह। इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें

Next Post Previous Post