जोगियां दे कोई वि नहीं घर बार भजन

जोगियां दे कोई वि नहीं घर बार भजन

 
जोगियां दे कोई वि नहीं घर बार भजन

एह ले मैया सामब गौआँ सामब कारोबार,
नाल सामब रोटियां ते लस्सी दा भण्डार,
जोगियां दे कोई वि नहीं घर बार,

तेरा एहसान बारा घड़ियाँ दा चुकाया है,
तनु ही नहीं मैं सारे जग न विखाया है,
छड़ मेरा राह सेह ले गमा दी तू मार,
जोगीआ दे कोई नी घर भार...........

तेरे नाल नहीं किता माँ मैं कोई छल,
फिर भी सुनाये माये मैनु रोटियां दी गल,
जो मिलिया सी तेथो हूँ ओ सामब ले प्यार,
जोगीआ दे कोई नी घर भार......

अस्सा शाह तालियां विच मुड़ नहियो आना,
कलयुग विच लाल तेरा ही कहना,
एहना ही सी कहना मेरा एहना ही सी सार,
जोगीआ दे कोई नी घर भार



जोगीआ दे कोई नी घर भार / Jogiyan De Koi Ni Ghar Baar / Chander Shekher Bhardwaj

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Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

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