सम्भला हूँ जबसे आपने ली है मेरी ख़बर भजन
सम्भला हूँ जबसे आपने ली है मेरी ख़बर भजन
संभला हूं जबसे आपने
ली है मेरी खबर
बंद आंखों में भी सांवरे
बंद आंखों में भी सांवरे
आते हो तुम नजर
संभला हूं जबसे आपने
ली है मेरी खबर।
जीवन का फूल सांवरे
तुमसे ही खिल रहा
तकदीर में जो ना लिखा
अब वो भी मिल रहा
इज्जत भी तुमसे मिल रही
तुमसे मेरी कदर
संभला हूं जबसे आपने
ली है मेरी खबर।
दरकार ना मुझे प्रभु
दुनिया के साथ की
छाया है सिर पे सांवरे
तेरे ही हाथ की
इस बेसहारे को मिला
चरणों में तेरे घर
संभला हूं जबसे आपने
ली है मेरी खबर।
खुशबू तुम्हारे नाम की
मेरे तन में हो गई
मन की व्यथा ओ सांवरे
मन में ही खो गई
बेख़ौफ चल रहा कपिल
कैसा भी हो सफर
संभला हूं जबसे आपने
ली है मेरी खबर।
संभला हूं जबसे आपने
ली है मेरी खबर
बंद आंखों में भी सांवरे
बंद आंखों में भी सांवरे
आते हो तुम नजर
संभला हूं जबसे आपने
ली है मेरी खबर।
ली है मेरी खबर
बंद आंखों में भी सांवरे
बंद आंखों में भी सांवरे
आते हो तुम नजर
संभला हूं जबसे आपने
ली है मेरी खबर।
जीवन का फूल सांवरे
तुमसे ही खिल रहा
तकदीर में जो ना लिखा
अब वो भी मिल रहा
इज्जत भी तुमसे मिल रही
तुमसे मेरी कदर
संभला हूं जबसे आपने
ली है मेरी खबर।
दरकार ना मुझे प्रभु
दुनिया के साथ की
छाया है सिर पे सांवरे
तेरे ही हाथ की
इस बेसहारे को मिला
चरणों में तेरे घर
संभला हूं जबसे आपने
ली है मेरी खबर।
खुशबू तुम्हारे नाम की
मेरे तन में हो गई
मन की व्यथा ओ सांवरे
मन में ही खो गई
बेख़ौफ चल रहा कपिल
कैसा भी हो सफर
संभला हूं जबसे आपने
ली है मेरी खबर।
संभला हूं जबसे आपने
ली है मेरी खबर
बंद आंखों में भी सांवरे
बंद आंखों में भी सांवरे
आते हो तुम नजर
संभला हूं जबसे आपने
ली है मेरी खबर।
संभला हूँ जबसे आपने || Sambhla hu jabse aapne || Deepanshu Agarwal Official
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Singer :- Deepanshu Agarwal
Lyrics :- Kapil sharma
Music :- Sonu jangid
Video :- Kushal Chouhan
प्रभु की कृपा जीवन को भीतर से संभाल लेती है। जब मनुष्य का विश्वास डगमगाता है, जब संसार की अस्थिरता उसे भटका देती है, तभी ईश्वर की दृष्टि उसे भीतर से सहेज लेती है। यह संभलना केवल बाहरी सहारा नहीं, बल्कि आत्मा का जागरण है — जहाँ भक्त अनुभव करता है कि अब जीवन की दिशा किसी सांसारिक शक्ति से नहीं, अपने सांवरे के चरणों से तय होती है। जब ईश्वर अपनी खबर लेते हैं, तो टूटा मन स्थिर हो जाता है, और वह वही देखता है जो विश्वास दिखाता है — उनके रूप, उनकी छवि, उनकी उपस्थिति को हर सांस में।
यह भाव कृतज्ञता का भी है। जब से प्रभु का हाथ साथ आया, जीवन में छोटे-छोटे चमत्कार होने लगे — जो भाग्य में नहीं थे, वे भी सहज मिलने लगे। सम्मान, स्वीकार, प्रेम — ये सब उसी करुणा का विस्तार हैं, जो प्रभु के चरणों से बहती है। भक्त अब संसार से नहीं, अपने ईश्वर से जुड़ा रहता है; उसकी छाया ही उसकी ढाल है, उसकी उपस्थिति ही उसकी ज्योति। प्रेम की इस गहराई में भय मिट जाता है, और साधक बिना चिंता के आगे बढ़ता है — क्योंकि उसे अब चलने के लिए किसी बाहरी दिशा की नहीं, भीतर के विश्वास की जरूरत है। यही वह पल है जब आत्मा कह उठती है — “संभला हूं जबसे आपने ली है मेरी खबर।”
यह भजन भी देखिये
पिया पहलम जाउंगी खाटू में
आज ते पाछे भोलेनाथ ना घोटूँ भँग
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Singer :- Deepanshu Agarwal
Lyrics :- Kapil sharma
Music :- Sonu jangid
Video :- Kushal Chouhan
प्रभु की कृपा जीवन को भीतर से संभाल लेती है। जब मनुष्य का विश्वास डगमगाता है, जब संसार की अस्थिरता उसे भटका देती है, तभी ईश्वर की दृष्टि उसे भीतर से सहेज लेती है। यह संभलना केवल बाहरी सहारा नहीं, बल्कि आत्मा का जागरण है — जहाँ भक्त अनुभव करता है कि अब जीवन की दिशा किसी सांसारिक शक्ति से नहीं, अपने सांवरे के चरणों से तय होती है। जब ईश्वर अपनी खबर लेते हैं, तो टूटा मन स्थिर हो जाता है, और वह वही देखता है जो विश्वास दिखाता है — उनके रूप, उनकी छवि, उनकी उपस्थिति को हर सांस में।
यह भाव कृतज्ञता का भी है। जब से प्रभु का हाथ साथ आया, जीवन में छोटे-छोटे चमत्कार होने लगे — जो भाग्य में नहीं थे, वे भी सहज मिलने लगे। सम्मान, स्वीकार, प्रेम — ये सब उसी करुणा का विस्तार हैं, जो प्रभु के चरणों से बहती है। भक्त अब संसार से नहीं, अपने ईश्वर से जुड़ा रहता है; उसकी छाया ही उसकी ढाल है, उसकी उपस्थिति ही उसकी ज्योति। प्रेम की इस गहराई में भय मिट जाता है, और साधक बिना चिंता के आगे बढ़ता है — क्योंकि उसे अब चलने के लिए किसी बाहरी दिशा की नहीं, भीतर के विश्वास की जरूरत है। यही वह पल है जब आत्मा कह उठती है — “संभला हूं जबसे आपने ली है मेरी खबर।”
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आज ते पाछे भोलेनाथ ना घोटूँ भँग
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Author - Saroj Jangir
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