झुल्दा रही वे झंडिया खाटू दे द्वारे
झुल्दा रही वे झंडिया खाटू दे द्वारे,
खाटू दे द्वारे खाटू दे द्वारे।
खाटू दे द्वारे मांवा वी आईया,
मांवा ने पुत मंगिया खाटू दे द्वारे,
झुल्दा रही वे झंडिया।
खाटू दे द्वारे बहना वी आईया,
बहना ने वीर मंगिया खाटू दे द्वारे,
झुल्दा रही वे झंडिया।
खाटू तु द्वारे गउआ वी आईया,
गउआ ने बछड़ा मंगिया खाटू दे द्वारे,
झुल्दा रही वे झंडिया।
खाटू दे द्वारे कन्या वी आईया,
कन्या ने वर मंगिया खाटू दे द्वारे,
झुल्दा रही वे झंडिया।
खाटू दे द्वारे संगता वी आईया,
संगता ने खैर मंगिया खाटू दे द्वारे,
झुल्दा रही वे झंडिया।
चुलदा रहेंयां वे झंडेया खाटू श्याम दे दरबारे ।। कृष्ण कन्हैया जी का बहुत सुंदर भजन जरूर सुने जी
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