दीवा बाल के मिटा लै अंधेरा भजन
दीवा बाल के मिटा लै अंधेरा,
कुल्ली दे विचों राम लभ लै।
खा गया ए तैनूं नित नित दा झोरा,
राम बगल विच शहर ढिंडोरा,
बाहों फड़ के दिखावे तैनूं केड़ा,
कुल्ली दे विचों राम लभ लै।
दीवा बाल के मिटा लै अंधेरा,
कुल्ली दे विचों राम लभ लै।
लबना फिरना ए चार चुफेरे,
राम बैठा है विच घर तेरे,
बूहे टोई ने लाया इ डेरा,
कुल्ली दे विचों राम लभ लै।
दीवा बाल के मिटा लै अंधेरा,
कुल्ली दे विचों राम लभ लै।
बेरंगी हर रंग विच है वसदा,
दूर दुई तों सौ कोह नसदा,
ऐस दुई दा कर लै नबेड़ा,
कुल्ली दे विचों राम लभ लै।
दीवा बाल के मिटा लै अंधेरा,
कुल्ली दे विचों राम लभ लै।
ना जा मक्के ते ना जा काशी,
अपने अंदर तू लभ अविनाशी,
पर दिल नहींयो मनदा तेरा,
कुल्ली दे विचों राम लभ लै।
दीवा बाल के मिटा लै अंधेरा,
कुल्ली दे विचों राम लभ लै।
SSDN:-दीवा बाल के मिटा लै अंधेरा | Ram Bhajan | Anandpur bhajan | New ram bhajan 2024 #SSDN
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Author - Saroj Jangir
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