हम गरीबों से रखता है यारी लिरिक्स
हम गरीबों से रखता है यारी Hum Garibo Se Rakhta Hai Yari Bhajan Lyrics
हम गरीबों से रखता है यारी,
नाम उसका है बांके बिहारी,
नाम उसका है बांके बिहारी।
प्यारी लगती गरीबों की नैया,
बैठ जाता है बन के खिवैया,
भूल जाता है देखो सरकारी,
नाम उसका है बांके बिहारी।
लोग कहते है त्रिलोकी नाथ है,
उसके हाथ में गरीबों का हाथ है,
शायद जानता नहीं वो दुनियादारी,
नाम उसका है बांके बिहारी।
उसका झोपड़ी में है आना जाना,
स्वाद लगता विदुर जी का खाना,
खुद को कहता है प्रेम का पुजारी,
नाम उसका है बांके बिहारी।
माल नरसी का पहले लुटवाया,
घर बनवारी मीरा का छुड़ाया,
प्यारा लगता सुदामा भिखारी,
नाम उसका है बांके बिहारी।
हम गरीबों से रखता है यारी,
नाम उसका है बांके बिहारी,
नाम उसका है बांके बिहारी।
नाम उसका है बांके बिहारी,
नाम उसका है बांके बिहारी।
प्यारी लगती गरीबों की नैया,
बैठ जाता है बन के खिवैया,
भूल जाता है देखो सरकारी,
नाम उसका है बांके बिहारी।
लोग कहते है त्रिलोकी नाथ है,
उसके हाथ में गरीबों का हाथ है,
शायद जानता नहीं वो दुनियादारी,
नाम उसका है बांके बिहारी।
उसका झोपड़ी में है आना जाना,
स्वाद लगता विदुर जी का खाना,
खुद को कहता है प्रेम का पुजारी,
नाम उसका है बांके बिहारी।
माल नरसी का पहले लुटवाया,
घर बनवारी मीरा का छुड़ाया,
प्यारा लगता सुदामा भिखारी,
नाम उसका है बांके बिहारी।
हम गरीबों से रखता है यारी,
नाम उसका है बांके बिहारी,
नाम उसका है बांके बिहारी।
