मां चंद्रघंटा देवी स्तोत्र भजन Maa Chandraghanta Devi Stotra
ध्यान
वन्दे वाच्छित लाभाय,
चन्द्रार्घकृत शेखराम,
सिंहरूढ़ा दशभुजां,
चंद्रघंटा यशंस्वनिम्।
कंचनाभां राक्षस स्थितां,
तृतीयं दुर्गा त्रिनेत्राम्,
खड्ग गदा त्रिशूल चापशंर,
पद्म कमण्डलु माला,
वरभीतकराम।
पातम्बर पसियां मृदुहास्यं,
नानालंकार भूषिताम्,
मंजीर हार केयूर किंकिनी,
रत्नकुंडल मंडिताम्।
वैभवशाली विबाधारा,
कांत कपोलं तुग कुचाम्,
कमनीयं लावन्यां,
क्षणिकं नितम्बनिम्।
स्तोत्र
आपद्धद्धयी त्वंहि,
आधा शक्ति: शुभा परम्,
अणिमादिसिद्धिदात्रि,
चन्द्रघण्टे प्राणमाम्यहम्।
चंद्रमुखी इष्ट दात्री,
इष्ट मंत्र स्वरूपणिम्,
धनदात्री आनन्ददात्री,
चन्द्रघण्टे प्रणमाम्यहम्।
नानारूपधारिणी,
इच्छामयी ऐश्वर्यदायनीम्,
सौभाग्यरोग्य दायिनी,
चन्द्रघण्टे प्रणमाम्यहम्।
नवरात्रि का तीसरा दिन | चैत्र नवरात्रि 2024| माँ चंद्रघंटा की पूजा विधि ,मंत्र ,भोग ,रंग Teesra Navr
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Author - Saroj Jangir
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