राम राम हे राम पुकारे एक शबरी भजन
राम राम हे राम पुकारे एक शबरी बाबरिया
राम राम हे राम पुकारे,
एक शबरी बाबरिया,
राम में रम गई जोगन बन गई,
घूम रही है नगर डगरिया,
राम राम मेरे राम,
राम मेरे राम राम।
साधु संत की भक्ति करती,
छुप छुप के वो सेवा करती,
तोड़ तोड़ के फूल बाग से,
भोर भये कुटिया में धरती,
अन्तर्यामी गुरु जी की जो,
पड़ गई है उसपे नजरिया,
राम राम हे राम पुकारे,
राम राम मेरे राम।
वचन दिया गुरु ने दर्शन का,
मिलेगा अवसर राम मिलन का,
था अटूट विश्वास गुरु पे,
भाग जगेगा अब जोगन का,
गुरु का वचन निभाने भगवन,
आयेंगे जब उसकी दुअरिया,
राम राम हे राम पुकारे,
राम राम मेरे राम।
हर पल राम की राह निहारें,
फूल बिछाए अपने द्वारे,
कंकड़ न चुभ जाए कहीं से,
मीलों तक वो राह बुहारें,
राम मिलन की आस में,
बीती जाए उसकी उमरिया,
राम राम हे राम पुकारे,
राम राम मेरे राम।
Ram Pukare Ek Shabari Babariya | राम पुकारे एक शबरी बाबरिया | Ram Bhajan | New Bhajan
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✩ Singer - Anuja Sinha
✩ Lyrics - Pratibha Prakhar
✩ Music - Anuja Sinha
✩ Studio - Trio Digital Recording Studio
✩ Label - Aadi Shakti Entertainment
