मैं तेरे लिए क्या लिखूं श्याम लिरिक्स

मैं तेरे लिए क्या लिखूं श्याम लिरिक्स Main Tere Liye Kya Likhu Lyrics


मैं तेरे लिए क्या लिखूं श्याम लिरिक्स Main Tere Liye Kya Likhu Lyrics

मैं तो जो भी लिखूं वो है कम,
मैं तेरे लिए क्या लिखूं,
कहां से शुरू करूं कहां खत्म,
मैं तेरे लिए क्या लिखूं।

तेरी मेरी कोई जान ना पहचान जी,
फिर भी कृपा करी है आसमान सी,
मेरे पास कोई ऐसी भी किताब ना,
जिन्हें शब्दों में करूं मैं बखान जी,
तेरे कितने गिनाऊं एहसान जी,
मेरे नैना मेरे नैना,
मेरे नैना हुए खुशियों से नम,
मैं तेरे लिए क्या लिखूं श्याम,
मैं तो जो भी लिखूं वो है कम,
मैं तेरे लिए क्या लिखूं।

सारी खुशियां भी मुझ पर वार दी,
मेरी पीढ़ियों की पीढ़ियां भी तार दी,
तुमसे जिंदगी के लिए प्रभु मांगू क्या,
तूने जिंदगी भी मुझको उधार दी,
मुझे फिर से मुझे फिर से,
मुझे फिर से दिया नया जन्म,
मैं तेरे लिए क्या लिखूं श्याम,
मैं तो जो भी लिखूं वो है कम,
मैं तेरे लिए क्या लिखूं।

प्रभु कितना अकेला तेरा दास था,
कोई साथ ना कोई ना मेरे पास था,
मेरी दुनिया भी इतनी विरान थी,
अपने साए का ना मुझे एहसास था,
मुझे मैं से मुझे मैं से,
मुझे मैं से बनाया तूने हम,
मैं तेरे लिए क्या लिखूं,
मैं तो जो भी लिखूं वो है कम,
मैं तेरे लिए क्या लिखूं।

कहां साधुओं ने संतों ने फकीर ने,
होगा वही जो लिखा है तकदीर में,
तूने हाथों से छुआ जो मेरे हाथों को,
मिला वो भी जो न था मेरी लकीर में,
तूने तोड़ दिए तूने तोड़ दिए,
तूने तोड़ दिए मेरे सब भरम,
मैं तेरे लिए क्या लिखूं,
मैं तो जो भी लिखूं वो है कम,
मैं तेरे लिए क्या लिखूं।


Main Tere Liye Kya Likhu | मैं तेरे लिए क्या लिखूं | Shyam Bhajan | Bhaw | Prashant Suryavanshi


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Bhajan : Main To Jo Bhi Likhu Wo Hai Kam Main Tere Liye Kya Likhu
Singer : Prashant Suryavanshi 
 
Main to jo bhi likhun woh hai kam,
Main tere liye kya likhun,
Kahan se shuru karun kahan khatm,
Main tere liye kya likhun.

Teri meri koi jaan na pehchaan ji,
Phir bhi kripa kari hai aasmaan si,
Mere paas koi aisi bhi kitaab na,
Jinhein shabdon mein karun main bakhaan ji,
Tere kitne ginaun ehsaaan ji,
Mere naina, mere naina,
Mere naina hue khushiyon se nam,
Main tere liye kya likhun shyaam,
Main to jo bhi likhun woh hai kam,
Main tere liye kya likhun.

Saari khushiyan bhi mujh par vaar di,
Meri pedhiyon ki pedhiyan bhi taar di,
Tumse zindagi ke liye Prabhu maangu kya,
Tune zindagi bhi mujhko udhaar di,
Mujhe phir se, mujhe phir se,
Mujhe phir se diya naya janm,
Main tere liye kya likhun shyaam,
Main to jo bhi likhun woh hai kam,
Main tere liye kya likhun.

Prabhu kitna akela tera daas tha,
Koi saath na koi na mere paas tha,
Meri duniya bhi itni viraan thi,
Apne saaye ka na mujhe ehsaas tha,
Mujhe main se, mujhe main se,
Mujhe main se banaya tune hum,
Main tere liye kya likhun,
Main to jo bhi likhun woh hai kam,
Main tere liye kya likhun.

Kahan sadhunon ne, santon ne, fakeeron ne,
Hoga wahi jo likha hai taqdeer mein,
Tune haathon se chhua jo mere haathon ko,
Mila woh bhi jo na tha meri lakeer mein,
Tune tod diye, tune tod diye,
Tune tod diye mere sab bharam,
Main tere liye kya likhun,
Main to jo bhi likhun woh hai kam,
Main tere liye kya likhun. 
 
 मैं तो जो भी लिखूं वो है कम मैं तेरे लिए क्या लिखूं
कहां से शुरू करूं कहां खत्म मैं तेरे लिए क्या लिखूं

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Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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