हाथों का ताज सिर पे सजा दो कन्हैया भजन
हाथों का ताज सिर पे सजा दो कन्हैया भजन
हाथों का ताज सिर पे,
सजा दो कन्हैया,
नजर अपनी मुझको,
नजर अपनी मुझको,
लगा दो कन्हैया,
हाथों का ताज सिर पे,
सजा दो कन्हैया।
कांच जो टूटे तो,
जुड़ नहीं पाता,
सुनता हूँ फूटी किस्मत,
तू ही बनाता,
किस्मत मेरी भी,
बना दो कन्हैया,
हाथों का ताज सिर पे,
सजा दो कन्हैया।
मेरा अब ये जीवन,
है तेरे भरोसे,
छोड़ ना देना मुझको,
जग के भरोसे,
भरोसा कपिल का,
बढ़ा दो कन्हैया,
हाथों का ताज सिर पे,
सजा दो कन्हैया।
हाथों का ताज सिर पे,
सजा दो कन्हैया,
नजर अपनी मुझको,
नजर अपनी मुझको,
लगा दो कन्हैया,
हाथों का ताज सिर पे,
सजा दो कन्हैया।
सजा दो कन्हैया,
नजर अपनी मुझको,
नजर अपनी मुझको,
लगा दो कन्हैया,
हाथों का ताज सिर पे,
सजा दो कन्हैया।
कांच जो टूटे तो,
जुड़ नहीं पाता,
सुनता हूँ फूटी किस्मत,
तू ही बनाता,
किस्मत मेरी भी,
बना दो कन्हैया,
हाथों का ताज सिर पे,
सजा दो कन्हैया।
मेरा अब ये जीवन,
है तेरे भरोसे,
छोड़ ना देना मुझको,
जग के भरोसे,
भरोसा कपिल का,
बढ़ा दो कन्हैया,
हाथों का ताज सिर पे,
सजा दो कन्हैया।
हाथों का ताज सिर पे,
सजा दो कन्हैया,
नजर अपनी मुझको,
नजर अपनी मुझको,
लगा दो कन्हैया,
हाथों का ताज सिर पे,
सजा दो कन्हैया।
Haathon Ka Taj Sir Pe Saja | Sanjay Mittal Kolkata | Shyam Baba Bhajan | Kamna Siddhi Shyam Darbaar
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BHAJAN- Haathon Ka Taj Sir Pe Saja Do Kanhaiya
SINGER- Sanjay Mittal Uncle Ji
LYRICS- Kapil Bhaiya Ji
MUSIC- KSSD
DARBAAR- Kamna Siddhi Shyam Darbaar
VIDEO - SCI & Shyam Rangila Kolkata(COPYRIGHTS)
PLACE- Kolkata
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फागुन का खाटू श्याम मेला राजस्थान के सांस्कृतिक उत्सवों में प्रमुख है, जहाँ लाखों भक्त रिंगस से निशान लेकर चलते हैं। होली पर रंग उड़ाते, भजन गाते, धमाल नाचते हैं। तेरह सीढ़ियाँ चढ़कर दरबार पहुँचते हैं, जहाँ काली कमली वाले श्याम की झलक से नशा छा जाता है। यह मेला भक्ति, रंगारंगी और चमत्कारों का संगम है, भक्त झोलियाँ भरकर लौटते हैं। 2026 में भी फागुन (फरवरी-मार्च) में यह धूमधाम से होगा। जय श्री श्याम!
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Author - Saroj Jangir
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